राम मंदिर ट्रस्ट ने जनता के सामने रखी जमीन खरीद की हकीकत, वेबसाइट पर अपलोड किया पूरा ब्यौरा
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राम मंदिर ट्रस्ट ने जनता के सामने रखी जमीन खरीद की हकीकत, वेबसाइट पर अपलोड किया पूरा ब्यौरा

ट्रस्ट ने अंग्रेजी भाषा में जमीन खरीद की पूरी प्रकिया से भक्तों को अवगत कराने का प्रयास किया है. ट्रस्ट का दावा है कि जमीन खरीद में पूरी पारदर्शिता रखी गई है. 

राम मंदिर ट्रस्ट ने जनता के सामने रखी जमीन खरीद की हकीकत, वेबसाइट पर अपलोड किया पूरा ब्यौरा

मनमीत गुप्ता\अयोध्या: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जमीन खरीद मामले में आरोप को खारिज करते हुए  अपनी बेबसाईट पर जमीन खरीद का पूरा फैक्ट अपलोड कर दिया है. अयोध्या ही नहीं पूरे देश के रामभक्त जमीन प्रकरण की पूरी सच्चाई जानना चाहते हैं. ट्रस्ट ने रामभक्तों को जमीन प्रकरण में पारदर्शिता से अवगत कराने की मंशा से अपनी बेबसाईट पर अंग्रेजी में पूरी वास्तविकता बताई है. इसके पीछे ट्रस्ट का उद्देश्य रामभक्तों को जमीन खरीद की सच्चाई से अवगत कराना है.

जमीन खरीद प्रकरण पर लगा है आरोप 
ट्रस्ट ने अंग्रेजी भाषा में जमीन खरीद की पूरी प्रकिया से भक्तों को अवगत कराने का प्रयास किया है. ट्रस्ट का दावा  है कि जमीन खरीद में पूरी पारदर्शिता रखी गई है. इससे पहले भी ट्रस्ट ने जमीन, मठ व आश्रम की खरीद की है. जमीन खरीद प्रकरण में ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगे हैं. राजनीतिक पार्टियों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है तो रामनगरी सहित देश के कुछ संतों ने भी इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं, देश के करोड़ों रामभक्तों के मन में भी इस प्रकरण को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

वेबसाइट पर अपलोड किया पूरा ब्यौरा 
ट्रस्ट ने रामभक्तों को पूरे प्रकरण की सच्चाई से अवगत कराने की मंशा से ही अपनी बेबसाईट पर जमीन खरीद की पूरी प्रक्रिया को अपलोड कर अपना पक्ष स्पष्ट करने का प्रयास किया है. ट्रस्ट ने बेबसाईट पर जमीन खरीद की पूरी प्रक्रिया को अपलोड करते हुए बताया है कि बाग बिजैशी स्थित 1.2 हेक्टेयर भूमि 14 सौ 23 रूपए प्रति स्कवायर फीट की दर से खरीदी गई है. जो कि मार्केट वैल्यू से बहुत ही कम है. इस भूमि को लेकर 2011 से ही एग्रीमेंट की प्रक्रिया चल रही थी. ट्रस्ट इस जमीन की खरीद को लेकर उत्सुक था लेकिन पहले भूमि की मिलकियत स्पष्ट करना चाहता था, क्योंकि इस एग्रीमेंट में नौ लोग जुड़े हुए थे, जिसमें से तीन मुस्लिम थे.

सभी से संपर्क कर उनकी सहमति ली गई फिर एग्रीमेंट को फाइनल किया गया. यह काम तेजी से जरूर हुआ है लेकिन पूरी पारदर्शिता के साथ. सभी लेन-देन ऑनलाइन तरीके से बैंक खाते में किए गए हैं. ट्रस्ट ने इस जमीन के लिए 17 करोड़ रूपए दिए है. यह भी बताया गया है कि ट्रस्ट तीन-चार प्लाट मंदिर व आश्रम को मिलाकर पहले भी खरीद चुका है और आगे भी खरीदा जाना है.

10 साल पहले तक का ब्यौरा किया प्रस्तुत 
 ट्रस्ट ने बताया कि सभी आन रिकार्ड हैं. बेबसाईट पर ट्रस्ट ने बाग बिजैशी की जमीन को लेकर 2011 से अब तक हुए एग्रीमेंट का पूरा ब्यौरा भी प्रस्तुत किया है. बताया गया है कि ‌कब-कब किससे एग्रीमेंट हुआ और किस तरह फाइनल रूप से ट्रस्ट ने जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया.

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