अयोध्या से जनकपुर तक निकाली जाएगी राम बारात, शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी और सीएम योगी

राम बारात के लिए कारसेवकपुरम में रथ को सजाने का काम शुरू हो गया है. राम बारात 21 नवंबर को धूमधाम से निकाली जाएगी.

अयोध्या से जनकपुर तक निकाली जाएगी राम बारात, शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी और सीएम योगी
राम बारात की शुरुआत 2004 में हुई थी. इसके बाद 2009 और 2014 में निकाली गई. अब 2019 में निकाली जानी है.

अयोध्या: सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) से राम मंदिर (Ram temple) के पक्ष में आए फैसले के बाद इस बार अयोध्या से भव्य राम बारात निकाली जाएगी. विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में अयोध्या से जनकपुर (नेपाल) तक निकाली जाने वाली राम बारात इस साल और ज्यादा धूमधाम से निकाली जाएगी. कहा जा रहा है कि इस बार राम बारात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश प्रमुख विशिष्ट व्यक्तियों के साथ ही नेपाल के राजपरिवार के शामिल होने की संभावना है. खबर है कि एक दिसंबर को आयोजित राम विवाह में पीएम मोदी व सीएम योगी को विवाह के साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया गया है.

वहीं, राम बारात के लिए कारसेवकपुरम में रथ को सजाने का काम शुरू हो गया है. श्रीराम विवाह आयोजन समिति के संयोजक राजेन्द्र सिंह पंकज ने बताया, 'बारात 21 नवंबर को धूमधाम से निकाली जाएगी. यह बारात विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए 28 नवंबर को जनकपुर पहुंचेगी. 29 नवंबर को दशरथ मंदिर के प्रांगण में तिलकोत्सव, 30 नवम्बर को कन्या पूजन के अलावा मटकोर का आयोजन किया जाएगा.' 

पंकज ने बताया, 'विवाहोत्सव से पहले रामलीला में धनुष यज्ञ का भी आयोजन होगा. फिर रात में विधिपूर्वक विवाह संपन्न होगा. दो दिसंबर को कलेवा का आयोजन होगा. इस दौरान निर्धन बालिकाओं का सामूहिक विवाह भी अयोजित किया जाएगा. फिर तीन दिसम्बर को जनकपुर से बारात वापस आ जाएगी.'

उन्होंने बताया, 'बारात कार और बस से जाएगी. इसके साथ भगवान के स्वरूपों का रथ भी शामिल होगा. राम बारात की शुरुआत लक्ष्मण किलाधीश महंत सीतारामशरण महाराज ने की थी. पंकज ने बताया, “बारात के साथ दो सुसज्जित रथ रहेंगे  जिस पर भगवान के स्वरूप रहेंगे. इस बार बारात में अयोध्या, हरिद्वार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के संत शामिल होंगे. इसके अलावा नेपाल के राज परिवार के शामिल होने की संभावना है. आमंत्रण उन्हें भी भेजा गया है.” उन्होंने बताया कि यह बारात हर पांचवें वर्ष निकलती है. 2004 से इसकी जिम्मेदारी विहिप को मिली है. इसकी शुरुआत 2004 में हुई थी. इसके बाद 2009 और 2014 में निकाली गई. अब 2019 में निकाली जानी है.

बारात के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी जनकपुर मे विवाह के शुभ अवसर पर आमंत्रित किया गया है. विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि कारसेवकपुरम् से 21 नवंबर को प्रातः बारात यात्रा को श्रीरामजन्म भूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास वैदिक मंत्रोंचारण के साथ प्रस्थान करायेंगे. बारात मे शामिल होने के लिए दूर दराज से संतों और रामभक्तो का आगमन अभी से ही प्रारंभ हो गया है.