डॉक्टर के साहस की कहानी: पैरों में बंधी थी जंजीर, 1.5 KM तक घुटनों के बल चलकर बचाई जान
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डॉक्टर के साहस की कहानी: पैरों में बंधी थी जंजीर, 1.5 KM तक घुटनों के बल चलकर बचाई जान

डॉक्टर बक्सानी ने पुलिस को बताया कि वह अपहरणकर्ताओं को सोते देख वहां से भाग निकले. जब वह भागे, तब उनके पैरों में जंजीर थी. 

डॉक्टर के साहस की कहानी: पैरों में बंधी थी जंजीर, 1.5 KM तक घुटनों के बल चलकर बचाई जान

अब्दुल सत्तार/झांसी:  उत्तर प्रदेश के झांसी से किडनैप किए गए डॉक्टर राधा कृष्ण गुरु बक्सानी की पूरी कहानी सामने आ गई है. शनिवार सुबह वह खुद ही मध्य प्रदेश पुलिस के पास पहुंच गए. उन्होंने  पुलिस को बताया कि उनका अपहरण कर लिया गया था. हालांकि, वह किसी तरीके से जान बचाकर निकल गए.

1.5 किलोमीटर तक क्रॉलिंग करके पहुंचे डॉक्टर्स
डॉक्टर बक्सानी ने पुलिस को बताया कि वह अपहरणकर्ताओं को सोते देख वहां से भाग निकले. जब वह भागे, तब उनके पैरों में जंजीर थी. डॉक्टर बक्सानी करीब 1.5 किलोमीटर तक क्रॉलिंग करके मुख्य सड़क पर पहुंचे. वहां, उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस को डायल 100 के जरिए संपर्क किया. जहां से पुलिस उन्हें मुरैना सिविल लाईन थाने लेकर आई.

ददुआ गैंग का नाम आ रहा है सामने
सूत्रों की मानें तो झांसी के डॉक्टर बक्सानी को चित्रकूट के कुख्यात डकैत रहे ददुआ के नाम पर किडनैप किया गया था. जानकारी के मुताबिक, किडनैपर्स इसके बदले 2 करोड़ की फिरौती मांगने की योजना बना रहे थे. हालांकि, इस मामले में मुरैना और झांसी पुलिस ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है.

मॉर्निंग वॉक से गायब हो गए थे डॉक्टर्स
बता दें कि डॉक्टर बक्सानी झांसी में  29 जनवरी को सुबह अपने घर से मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटे. परिवार वालों ने इसकी सूचना झांसी पुलिस को दी थी. हालांकि, डॉक्टर के वापस आ जाने तक कोई भी फिरौती नहीं मांगी गई.

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