CAA: विरोध के बीच साकार होती उम्मीदें, सर्वे टीम को देख हापुड़ में खुश हुए शरणार्थी

हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर तहसील के गंगानगर गांव में कानून को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला है.

CAA: विरोध के बीच साकार होती उम्मीदें, सर्वे टीम को देख हापुड़ में खुश हुए शरणार्थी
बांग्लादेशी शरणार्थियों ने भी केंद्र की मोदी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें भारतीय माने जाने की उम्मीदें जगी है.

मो ताहिर/हापुड़: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के लेकर जहां एक तरफ कुछ लोग विरोध कर रहे हैं तो वहीं कुछ इस कानून से बेहद खुश हैं. CAA को उन लोगों का समर्थन मिल रहा है. जिनके लिए वाकई यह कानून बनाया गया है. उत्तर प्रदेश में हापुड़ (Hapur) के गढ़मुक्तेश्वर तहसील के गंगानगर गांव में कानून को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला है. 

इस गांव में करीब 35 वर्षों से रह रहे बांग्लादेश से आए शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने की उम्मीद है. गांववालों की खुशी उस समय ज्यादा बढ़ गई जब सर्वे करने के लिए उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारी यहां पहुंचे. गंगानगर गांव में करीब 500 लोग ऐसे हैं जो कि शरणार्थी हैं. इन सभी लोगों ने नागरिकता कानून का समर्थन किया है.

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उनकी टीम के द्वारा गांव में 1985 से बांग्लादेश से आकर रह रहे करीब 500 लोगों को नागरिकता देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है. सभी शरणार्थियों की सूची तैयार की जा रही है. जिससे राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यालय में भेजा जाएगा. बाद में कानून के तहत आगे की कार्रवाई होगी.

बांग्लादेशी शरणार्थियों ने भी केंद्र की मोदी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें भारतीय माने जाने की उम्मीदें जगी है. अभी तक उन्हें बिजली, पानी, मतदाता पहचान पत्र और राशनकार्ड जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता था और उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था. लेकिन अब उम्मीद है कि वो भी भारतीय कहलाएंगे.

संपादन: विवेक शुक्ला