रोहित शेखर मर्डर केस से उठा पर्दा, पत्नी हुई गिरफ्तार, गला दबाकर ली थी जान

रोहित तिवारी की मौत के बाद से ही लगातार अपूर्वा पुलिस के शक के साये में है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम अपूर्वा से पहले भी पूछताछ कर चुकी है.

रोहित शेखर मर्डर केस से उठा पर्दा, पत्नी हुई गिरफ्तार, गला दबाकर ली थी जान
दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रोहित तिवारी की हत्या के मामले में 18 अप्रैल को केस दर्ज किया था. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली:त्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार दिल्ली पुलिस ने सुलझा ली है. बुधवार को दिल्ली पुलिस ने रोहित की पत्नी अपूर्वा तिवारी को गिरफ्तार किया है. पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक रोहित शेखर तिवारी की पत्नी अपूर्वा तिवारी ने ही उन्हें मौत के घाट उतार है. सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच का कहना है कि रोहित के साथ शादीशुदा जिंदगी से अपूर्वा खुश नहीं थी. यही वजह है कि अपूर्वा ने रोहित को अकेले पाकर गला और मुंह दबाकर मार डाला.

अपूर्वा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस इस मामले में 2.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी.

लगातार बयान बदल रही थीं अपूर्वा तिवारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रोहित की पत्नी अपूर्वा लगातार इस मामले में बयान बदल रही थी. उससे सारा शक उसी के इर्ग-गिर्द आकर ठहर जाता था. वारदात वाली रात को लेकर अपूर्वा ने अब तक तीन अलग-अलग बयान दिए. जिसकी वजह से पुलिस का शक पुख्ता होने लगा था. पुलिस वारदात के बाद से रोहित की पत्नी समेत घर के 6 लोगों से पूछताछ कर रही थी.

एक साथ बंद हुए थे रोहित और अपूर्वा के फोन
रोहित शेखर तिवारी हत्याकांड मामले की जांच कर रही टीम को पता चला है कि रोहित शेखर तिवारी के पास दो मोबाइल नंबर थे. दोनों की कॉल डिटेल्स के मुताबिक शेखर का एक फोन 15 तारीख को शाम 6 बजकर 30 मिनट पर बंद हो गया था और दूसरा फोन 15 तारीख के रात 9 बजकर 30 मिनट के आसपास. हालांकि इसकी वजह डिफेंस कालोनी में नेटवर्क न होना भी हो सकता है. इसके बाद सुबह एक नंबर पर 11 बजे यानी 16 अप्रैल को एक कंपनी का मैसेज आया जो मोबाइल कंपनी का होता है.

रोहित की मां ने लगाए अपूर्वा पर गंभीर आरोप
वहीं, इस मामले में रोहित की मां उज्जवला ने अपूर्वा पर कई सारे गंभीर आरोप लगाए हैं. रोहित की मां का कहना है कि अपूर्वा और उसके परिवार की नजर हमारी प्रॉपर्टी पर थी. इससे पहले रोहित की मौत के ठीक एक दिन बाद उनकी मां ने कहा था कि वह अवसादग्रस्त थे.

16 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थियों में हुई थी मौत
रोहित 16 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाये गये थे. सूत्रों ने बताया कि रोहिणी के फोरेंसिक लैब के विशेषज्ञ भी रविवार को डिफेंस कॉलोनी में स्थित रोहित तिवारी के घर गये और अपराध के घटनाक्रम को दोहराया. उनका मानना रहा कि गला घोंटे जाते समय रोहित द्वारा प्रतिरोध करने के कोई सबूत नहीं हैं. दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रोहित तिवारी की हत्या के मामला दर्ज किया था. रिपोर्ट में बताया गया कि तिवारी की हत्या गला घोंटे जाने के कारण सांस रुकने से हुई है.