यूपी में मिली जीत से उत्साहित समाजवादी पार्टी उत्तराखंड में भी लड़ेगी उपचुनाव

अखिलेश यादव ने उत्तराखंड पिथौरागढ़ उपचुनाव (Pithoragarh by-elections) में मनोज कुमार भट्ट को उम्मीदवार बनाया है. 

यूपी में मिली जीत से उत्साहित समाजवादी पार्टी उत्तराखंड में भी लड़ेगी उपचुनाव
गंगाजल भेंट करते कार्यकर्ता. फोटो साभार- @samajwadiparty

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विधानसभा के 11 सीटों पर हुए उपचुनाव (UP by-elections) में मिली जीत से उत्साहित समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) अब दूर राज्यों में विस्तार करने जा रही है और शुरुआत उत्तराखंड (Uttarakhand) से किया जा रहा है. अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तराखंड पिथौरागढ़ उपचुनाव (Pithoragarh by-elections) में मनोज कुमार भट्ट को उम्मीदवार बनाया है. 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के द्वारा दूसरे राज्यों में विस्तार के लिए अभियान चलाया जाएगा. उत्तराखण्ड में पार्टी संगठन को मजबूती देने के लिए कदम उठाए जाएंगे. पार्टी जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष करेगी.  

बुधवार को लखनऊ में अखिलेश यादव से बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की. इस मौके पर उत्तराखण्ड के प्रभारी पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी भी मौजूद थे. उत्तराखण्ड से आए हुए कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का अभिनंदन किया और उन्हें शाल, गंगाजल कलश और गंगोत्री से लाया गया गंगा जल भेंट किया.

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने उत्तराखण्ड की जनता को निराश किया है. वे बस कुर्सी दौड़ खेलते रहे हैं. समाजवादी पार्टी राजनीति में वैचारिक विकल्प है, जो विकास की बात करती है. भाजपा सिर्फ निरर्थक मुद्दों को उठाती है और नफरत तथा समाज में बंटवारे की राजनीति करती है. उत्तराखण्ड के सवालों पर समाजवादी पार्टी संवेदनशील है.

पहाड़ की समस्याएं पहाड़ जैसी हैं भाजपा सरकार की इनके समाधान में कोई दिलचस्पी नहीं है. भाजपाराज में सिर्फ उद्योगपतियों की पूछ है. भ्रष्टाचार और अपराधों पर कोई रोक नहीं है. बेरोजगारी से नौजवान परेशान है. नौटबंदी से अर्थव्यवस्था चैपट है. छोटे उद्योगधंधे बंदी के कगार पर है. समाजवादी पार्टी जनता को भाजपा की सच्चाई से अवगत कराने के लिए अभियान चलाएगी.

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में समाजवादी सरकार की भूमिका रही है. सीमावर्ती राज्य में पर्यावरण और नदियों में प्रदूषण की बड़ी समस्या है. शराब की वजह से पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में तनाव की स्थिति रहती है. शिक्षा क्षेत्र में अव्यवस्था है. स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं. कृशि क्षेत्र की उपेक्षा से सेबो के उत्पादक किसान परेशान है. गांव खाली होते जा रहे हैं. पलायन का संकट है. महिलाएं असुरक्षित हैं.

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उत्तराखण्ड से आए प्रतिनिधियों ने कहा कि अखिलेश यादव के प्रति जनसामान्य में बहुत आकर्षण और सम्मान है. उनका नेतृत्व जमीन से जुडा है. उत्तराखण्ड में भाजपा और कांग्रेस के राज में कोई अपेक्षित विकास नहीं हुआ है. पहाड़ के लोगों की जिंदगी अभी भी काफी कष्टमय है. समाजवादी पार्टी उत्तराखण्ड में सक्रिय भूमिका निभायेगी.