close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

#SAVEGANGA: खतरे में गंगा का अस्तित्व, 58.1 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर

गंगा के जलस्तर में रोज औसतन एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज की जा रही है. पिछले चार दिनों के दौरान जलस्तर में चार सेंमी की कमी आई है. 

#SAVEGANGA: खतरे में गंगा का अस्तित्व, 58.1 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर
केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों ने जारी कर पर्यावरणविदों की नींद उड़ा दी है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली/ वाराणसी: केन्द्र और राज्य सरकारें गंगा सफाई और उसका अस्तित्व बचाने के लिए भले ही लाख कोशिशें कर रही हों, लेकिन गंगा के ताजा आंकड़े उसकी कुछ और ही तस्वीर बयां कर रहे हैं. केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी में गंगा का जलस्तर बीते 8 सालों में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. केन्द्रीय जल आयोग ने आंकड़े जारी कर लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है. आयोग का कहना है कि पिछले कुछ सालों में गंगा के वॉटर लेवल में लगातार गिरावट देखने को मिली है. जानकारों की मानें तो अगर इसी तरह गंगा का जल स्तर गिरता गया, तो पानी की समस्या बढ़ सकती है. 

क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़ों के मुताबिक, गंगा का वाटर लेवल 24 अप्रैल 2018 को 58.1 मीटर है. जबकि 9 जुलाई 2010 को ये 57.16 मीटर था. वहीं साल 2015 में गंगा का जलस्तर 58.67 मीटर था. साल 2016 में ये 58.52 मीटर था. 29 जून 2017 को न्यूनतम जलस्तर 58.27 मीटर दर्ज किया गया था. 

रोजाना एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज 
गंगा के जलस्तर में रोज औसतन एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज की जा रही है. पिछले चार दिनों के दौरान जलस्तर में चार सेंमी की कमी आई है. 

जलस्तर की गिरावट ने बढ़ाई चिंता
8 सालों में सबसे निचले स्तर पर गंगा का जलस्तर पहुंचा है. जलस्तर की कमी से काशी के विभिन्न घाटों पर अलग-अलग स्वरूपों में दिख रही है. जानकारी के मुताबिक, अगर हाल ऐसा ही रहा, तो जल्द ही पानी की समस्या गंभीर हो जाएगी. 
 
अनियंत्रित दोहन ने बढ़ाई समस्या
जानकारों की मानें तो, गंगा में मूल जल की कमी उसका अनियंत्रित दोहन घटते जल स्तर का एक बड़ा कारण है. टिहरी से छोड़ा जा रहा जल काशी पहुंचते-पहुंचते कुछ प्रतिशत ही रह जाता है. ऐसे में गंगा अपनी संपर्क नदियों और नालों को जल कुछ ही मात्रा में आगे बढ़ा पाती है.