डीएम के आदेश के बाद भी खुले स्कूल, रिपोर्टर ने किया सवाल तो प्रिसिंपल ने दे दिया धक्का

डीएम के आदेश के बावजूद आज नोएडा के सेक्टर 11 में स्कूल खोला गया और वहां पर कई छोटे छोटे बच्चों से outdoor activities भी करवाई गई.  

डीएम के आदेश के बाद भी खुले स्कूल, रिपोर्टर ने किया सवाल तो प्रिसिंपल ने दे दिया धक्का
डीएम के आदेश का खुलेआम उल्लंघन किया गया.

नोएडा/गाजियाबाद: आज और कल दो दिन तक दिल्ली और एनसीआर में सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रखने का आदेश है. गौतम बुध नगर के डीएम ने कल इसको लेकर आदेश भी जारी कर दिये थे. डीएम के आदेश के बावजूद आज नोएडा के सेक्टर 11 में स्कूल खोला गया और वहां पर कई छोटे छोटे बच्चों से outdoor activities भी करवाई गई.  

डीएम के आदेश का खुलेआम उल्लंघन किया गया. जिन बच्चों को स्कूल बुलाया गया उनके चेहरे पर मास्क तक नहीं थे. और तो और जब ज़ी न्यूज़ ने इस बारे में स्कूल के प्रिंसिपल से बात करनी चाही तो प्रिंसिपल नीरज अवस्थी हमारे माइक को हाथ से धक्का देकर वहाँ से चले गए.हांलाकि जब ज़ी न्यूज़ ने इस स्कूल के खुले होने की खबर चलाई उसके बाद स्कूल में छुट्टी कर दी गयी. आनन फानन में पेरेंट्स को बुलवाया गया और उनसे बच्चों को स्कूल से ले जाने के लिए कहा गया.

दिल्ली, नोएडा-गाजियाबाद में 15 नवंबर तक बंद रहेंगे स्कूल
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर घातक हो चुका है. इसे देखते हुए गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने 14 और 15 नवंबर को स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया है. उधर दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने भी दिल्ली के स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद रखने की घोषणा की है. सिसोदिया ने ट्वीट में लिखा है, 'उत्तर भारत में पराली प्रदूषण के कारण बिगड़ते हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल कल और परसों (Thu&Fri) के लिए बंद करने का निर्णय लिया है.'

आंख रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा
नेत्ररोग विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी (NCR) में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंच जाने से लोग एलर्जी, आंखों में जलन और खुजली सहित कई तरह की समस्याएं लेकर उनके पास पहुंच रहे हैं. आंख रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा देखा जा रहा है. दिल्ली नेत्र केंद्र और सर गंगाराम अस्पताल के एक नेत्ररोग विशेषज्ञ इकेडा लाल के अनुसार, आंखों में एलर्जी और इससे संबंधित अन्य समस्याओं का प्रमुख कारण हवा में धूल और धुआं की मात्रा अधिक होना है.

बढ़ते प्रदूषण के कारण सूखी आंख
लाल ने कहा, 'हम आंखों का लाल होना, खुजली, पानी आने की शिकायत के साथ आने वाले रोगियों की संख्या में वृद्धि देख रहे हैं. आंखों में सूखापन वाले मरीजों को उच्च प्रदूषण के चलते अधिक सूखापन महसूस हो रहा है.' उन्होंने आगे कहा कि आंखों की समस्या के साथ आने वाले मरीजों की संख्या में नेत्र रोग विशेषज्ञों को 30 से 35 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है.

एम्स में नेत्र रोग विशेषज्ञ के शिक्षक राजेश सिन्हा ने कहा, 'बढ़ते प्रदूषण के कारण सूखी आंख और नेत्र संबंधी एलर्जी की घटनाओं में वृद्धि हुई है. सूखापन और एलर्जी से ग्रस्त होकर कई सामान्य आंखों में भी इसके चलते असुविधा पैदा हो रही है और आंखों में परेशानियां आने की शिकायतें बढ़ाती जा रही हैं.'