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यूपी: कासगंज में धारा 144 लागू, छतों पर तैनात किए गए मशीनगन

प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे क्षेत्र में किसी भी तरह की रैली करने पर पाबंदी लगा दी है. एहतियातन पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.

यूपी: कासगंज में धारा 144 लागू, छतों पर तैनात किए गए मशीनगन
कुछ लोग गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा निकालना चाहते थे, जिसकी इजाजत नहीं दी गई है.

आगरा/कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज (Kasganj Violence) में पिछले साल गणतंत्र दिवस (Republic day 2019) पर भड़की हिंसा को देखते हुए इस बार प्रशासन ने अभी से यहां धारा 144 लागू कर दी है. प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे क्षेत्र में किसी भी तरह की रैली करने पर पाबंदी लगा दी है. एहतियातन पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. पुलिस ने फ्लैग मार्च रिहर्सल के साथ ही किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए छतों पर लाइट मशीनगन लगा दिए हैं.  

पिछले साल तिरंगा यात्रा के दौरान यहां हिंसा भड़की थी. हिंसा में गोली चलने से चंदन गुप्ता नामक शख्स की मौत हो गई थी. इस साल चंदन के परिजन तिरंगा यात्रा निकालना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें भी अनुमति नहीं दी है.

आरोपी ने बंदूक के साथ फेसबुक पर डाली पोस्ट
पिछले साल गणतंत्र दिवस पर कासगंज में हुई हिंसा के आरोपी ने फेसबुक पर बंदूक लिए हुए तस्वीर पोस्ट की है. इस पोस्ट के साथ उसने भड़काऊ बातें भी लिखी है. पुलिस ने एहतियातन उस पोस्ट को डिलीट करवा दिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. कासगंज के सीओ गबेन्द्र पाल गौतम ने बताया कि विशाल ठाकुर और अनुकल्प चौहान नामक दो युवकों ने सोशल मीडिया के जरिए शांति भंग करने की कोशिश की है. इन दोनों के खिलाफ शांति भंग करने की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है.


पिछले साल गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान जान गंवाने वाले चंदन की फाइल तस्वीर.

कासगंज के एसपी अशोक कुमार ने बताया कि इस बार इलाके में किसी को भी तिरंगा यात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी गई है. पुलिस गणतंत्र दिवस पर किसी भी अप्रिय घटना को होने नहीं देना चाहती है. इसके लिए पूरी तैयारी की गई है. संवेदनशील इलाकों में छतों पर 13 लाइट मशीनगन तैनात किए गए हैं.

इलाके के असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. इसके अलावा पिछले साल तिरंगा यात्रा में गड़बड़ी फैलाने वाले 26 लोगों को चिन्हित करके उन्हें हिरासत में ले लिया गया है. सुरक्षा में कोई चूक ना हो इसके लिए पूरे जिले को दो जोन में बांट दिया गया है. इसे बाद में 8 सेक्टर्स और 85 ड्यूटी प्वाइंट बनाए गए हैं. इन प्वाइंट्स पर पुलिसकर्मियों के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है.

पूरे जिले में पीएसी और आरएएफ की दो कंपनियों के साथ ही 20 पुलिस इंस्पेक्टर, 83 सब इंस्पेक्टर, 97 हेड कॉन्सटेबल, 60 कॉन्सटेबल और 8 महिला कांस्टेबल की अतिरिक्त तैनाती की गई है. इसके अलावा एसपी और दो सीओ पूरे जिले में घूमकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे.

पुलिस प्रशासन लोगों से अपील कर रही है कि वे किसी भी तरह के अफवाह पर ध्यान ना दें. वे केवल पुलिस प्रशासन की ओर से जारी होनी वाली सूचना पर ही यकीन करें. आस-पड़ोस में अगर कोई गड़बड़ी दिखे तो तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित करें. किसी भी संभावित खतरे की सूचना स्थानीय थाने के नंबर पर कॉल करके बताएं.