जल निगम भर्ती घोटाला: SIT जांच में आजम खां दोषी, CM योगी ने रद्द की 1188 नियुक्तियां

आपको बता दें यह नियुक्तियां साल 2016 में की गई थीं. इस दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां यूपी जल निगम भर्ती बोर्ड के चेयरमैन थे.

जल निगम भर्ती घोटाला: SIT जांच में आजम खां दोषी, CM योगी ने रद्द की 1188 नियुक्तियां
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मोहम्मद आजम खां.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार के दौरान जल निगम में हुई 1188 नियुक्तियां को रद्द कर दिया है. उत्तर प्रदेश जल निगम में अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान 853 जूनियर इंजीनियर और 335 बाबुओं की भर्ती हुई थी. इस भर्ती में धांधली का आरोप लगा था, जिसके बाद इसकी जांच एसआईटी कर रही थी. एसआईटी ने अपनी जांच में इस भर्ती प्रक्रिया को दोषपूर्ण पाया. 

एसआईटी ने शासन को भेज दी थी जांच रिपोर्ट
एसआईटी ने शासन को भेजे रिपोर्ट में अखिलेश यादव सरकार के दौरान यूपी जल निगम भर्ती में घोटाले पुष्टि की. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भर्ती के दौरान हुई सभी नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला किया. आपको बता दें यह नियुक्तियां साल 2016 में की गई थीं. इस दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां यूपी जल निगम भर्ती बोर्ड के चेयरमैन थे.

आजम खां थे जल निगम भर्ती बोर्ड के चेयरमैन
यूपी जल निगम भर्ती घोटाले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) ने आजम खान को दोषी माना है. आजम पर आरोप है कि 122 सहायक अभियंता, 853 अवर अभियंता समेत कुल 1300 पद थे, जिनकी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई. आजम के खिलाफ आरोप है कि साल 2016-17 में जल निगम के भर्ती बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए उनके द्वारा 1300 पदों पर भर्ती में गड़बड़ी की गई. योगी सरकार ने इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी.

एसआईटी ने भर्ती प्रक्रिया में घोटाले की पुष्टि की
इस मामले में पूर्व नगर विकास मंत्री आजम खां के अलावा नगर विकास सचिव रहे एसपी सिंह, जल निगम के पूर्व एमडी पीके आसुदानी, जल निगम के तत्कालीन मुख्य अभियंता अनिल खरे के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. एसआईटी सभी अधिकारियों से लंबी पूछताछ कर चुकी है. अब एसआईटी की जांच प्रकिया पूरी हो चुकी है, जिसमें आजम खां को दोषी माना गया है. एसआईटी की जांच में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह दोषपूर्ण पाई गई है.