close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

अमेठी: स्मृति ने प्रियंका गांधी पर किया पलटवार बोलीं, 'किसानों की जमीन हड़पने वाले न दें नसीहत'

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बुधवार दोपहर बाद दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचीं. उन्होंने कहा कि मैं इस बात से पूर्णत: सहमत हूं और विश्वास प्राप्त कर चुकी हूं कि सरकार परिवारों को न्याय पहुंचाएगी.

अमेठी: स्मृति ने प्रियंका गांधी पर किया पलटवार बोलीं, 'किसानों की जमीन हड़पने वाले न दें नसीहत'
फाइल फोटो

अमेठी: केंद्रीय कपड़ा, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने कांग्रेस (Congress) महासचिव प्रियंका गांधी ( Priyanka Gandhi Vadra) के ट्वीट पर पलटवार करते हुए कहा कि जिनके परिजनों पर किसानों की जमीन हड़पने के आरोप हैं, वे लोग अपने गिरेबान मे झांक कर देखें और प्रदेश सरकार तथा अमेठी के प्रशासन को नसीहत न दें. 

दरअसल, अमेठी में पुलिस अभिरक्षा में हुई एक व्यक्ति की मौत पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया था, 'यूपी पुलिस अपराधियों पर मेहरबान है, लेकिन हर दिन नागरिकों को परेशान करने में माहिर है.' प्रियंका ने प्रतापगढ़ व हापुड़ की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 'भाजपा सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही.'

प्रियंका के ट्वीट को लेकर पूछे गए सवाल पर स्मृति ईरानी ने कहा, 'मैं इतना कहना चाहूंगी कि जिन्होंने गुंडाराज में अपनी सत्ता चलाई वे आज योगी सरकार पर कटाक्ष कर रहे हैं, जिनके अपने परिजनों के ऊपर गबन के आरोप हैं, किसानों की जमीन हड़पने के आरोप हैं और जो सम्राट साइकिल की जमीन हड़प कर बैठे हैं, वे नसीहत न दें तो बेहतर होगा.'

लाइव टीवी देखें

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बुधवार दोपहर बाद दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचीं. उन्होंने कहा कि मैं इस बात से पूर्णत: सहमत हूं और विश्वास प्राप्त कर चुकी हूं कि सरकार परिवारों को न्याय पहुंचाएगी. अमेठी में किसानों की जमीन हड़पने वाले अमेठी के प्रशासन एवं सरकार को नसीहत देने के बजाए किसानों की जमीन उन्हें लौटा दें. पांच सालों से मेरा आग्रह रहा है, लेकिन जिसने यह बयान अभी दिया है, उसके कान पर जूं नहीं रेंगी है.'

स्मृति ने बीएचईएल गेस्ट हाउस में पहले जगदीशपुर व कमरौली औद्योगिक क्षेत्र के व्यापारियों के साथ बैठक की. इसके बाद संगठन से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर उनसे उनके क्षेत्र की समस्याओं और शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की.

ये वीडियो भी देखें: