साल का आखिरी सूर्य ग्रहण हुआ खत्म, आपकी राशियों में होंगे यह बदलाव, जानिए....

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण हुआ खत्म, आपकी राशियों में होंगे यह बदलाव, जानिए....

296 साल के बाद लगने वाला यह सूर्य ग्रहण इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है, और इसका कुछ न कुछ असर हर राशि पर पड़ने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित पवन त्रिपाठी की माने तो ये ग्रहण आने वाले साल में राजनीतिक उठा पटक के साथ ही लोगों की राशियों को भी प्रभावित करेगा.

साल का आखिरी सूर्य ग्रहण हुआ खत्म, आपकी राशियों में होंगे यह बदलाव, जानिए....

नवीन पांडे/वाराणसी: सूर्य ग्रहण की अगर हम बात करें तो आमतौर पर लोग सूर्य ग्रहण के दौरान खाने-पीने, सोने के साथ अन्य कई चीजों का परहेज करते हैं और ग्रहण के दौरान चीजों को अशुद्ध माना जाता है, जिसके लिए खाने-पीने के सामान में तुलसी का पत्ता और गंगा जल मिला दिया जाता है, और ग्रहण खत्म होने पर स्नान कर खुद को शुद्ध किया जाता है. पर आमुमन लोग यह नही जानते कि वास्तव में सूर्य ग्रहण क्या है? 
भौतिक विज्ञान की माने तो से जब सूर्य व पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आने से चन्द्रमा के पीछे सूर्य का बिम्ब कुछ समय के लिए ढक जाता है तो यह सूर्य ग्रहण कहलाता है. वैसे तो पृथ्वी सूरज की परिक्रमा करती है और चाँद पृथ्वी की पर कभी-कभी चाँद, सूरज और धरती के बीच आने से वह सूरज की रोशनी रोक लेता है जिससे धरती पर साया फैल जाता और इसे सूर्य ग्रहण माना जाता है.

296 साल के बाद लगने वाला यह सूर्य ग्रहण इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है, और इसका कुछ न कुछ असर हर राशि पर पड़ने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित पवन त्रिपाठी की माने तो ये ग्रहण आने वाले साल में राजनीतिक उठा पटक के साथ ही लोगों की राशियों को भी प्रभावित करेगा. यह सूर्य ग्रहण जिस राशि पर लग रहा है, उस राशि पे छः ग्रहों की युति होगी और इस तरह का संयोग इससे 296 वर्ष पहले बना था. इस ग्रहण का प्रभाव देश को अनुकूलता नही देगा. इस ग्रहण से देश मे प्रतिकूल प्रभाव पड़ने वाला है और साथ ही इसका प्रभाव लोगों की राशियों पर भी भौतिक दैहिक और दैविक रूप से पड़ने वाला है.

ग्रहण को लेकर श्रद्धालु शिवम द्विवेदी ने बताया कि ने बताया कि पुरानी मान्यता है कि ग्रहण के दौरान लोगों को भगवान का ध्यान करना चाहिए, तो वही ग्रहण लगने के समय से लेकर मोक्ष काल तक किसी प्रकार का अन्न का सेवन नही करना चाहिए जिससे भगवान के ऊपर लगा कष्ट दूर हो सके.

किस राशि के लिए क्या बदलाव लाया है यह ग्रहण? 

मेष- मेष राशि के लिए यह ग्रहण नवम भाव पर लग रहा है नवम भाव पर लगने से मान सम्मान पर ठेस पहुंचता है.

वृष- वृष राशि के लिए यह ग्रहण वृष राशि वालों के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है वृष राशि वालों को नंगी आंख से यह ग्रहण नहीं देखना चाहिए ग्रहण के सीधे प्रभाव में नहीं पड़ना चाहिए वृष राशि वालों को यह ग्रहण मृत्यु के स्थान पर लग रहा है इसलिए बहुत ही नकारात्मक उर्जा देने वाला यह ग्रहण होगा. 

मिथुन- मिथुन राशि वालों को सप्तम भाव में यह ग्रहण लग रहा है सप्तम भाव होता है कुंडली में व्यापार का पत्नी का अथवा स्त्री को पीड़ा अथवा स्त्री से संबंधित किसी प्रकार का विरोध हो सकता है अथवा पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर के आप की चिंता बढ़ सकती है, आपके व्यापार में थोड़ी बहुत बाधा उत्पन्न हो सकती है.

कर्क- कर्क राशि की बात करें तो विशेष चिंता का कोई विषय नहीं है. क्योंकि यह ग्रहण कर्क राशि वालों के लिए रोग ऋण और शत्रु वाले भाव में लग रहा है, यह तीनों यहां ग्रहण लग जाए तो निश्चित तौर पर यह आपके लिए अच्छा होगा कर्क राशि वालों के लिए यह आनंद देने वाला ग्रहण होगा.

सिंह- सिंह राशि वालों की बात करें तो सिंह का स्वामी सूर्य है, और सूर्य पर ही ग्रहण लग रहा है सिंह राशि वालों के लिए यह ग्रहण पंचम भाव में लग रहा है जब पंचम भाव में यह ग्रहण लगता है, तब विद्या बुद्धि और संतान का विशेष रूप से कहा गया है, तो संतान पक्ष से आपकी चिंता हो सकती है और विद्या बुद्धि जो पढ़ाई लिखाई वाले विद्यार्थी हैं. उनके लिए चिंता का विषय हो सकता है.

कन्या- कन्या राशि वाले लोगों के लिए चौथे भाव में लग रहा है, चौथा स्थान जो होता है वह माता का स्थान होता है, उसे गृह सुख का स्थान कहा गया है वाहन का स्थान कहा गया है तो जो कन्या राशि वाले जातक हैं इनके लिए व्यथा है क्यों की सुख में सेंध लगने वाली है स्वास्थ्य से संबंधित कुछ हो सकता है माता से दूरियां बढ़ सकती हैं, अथवा आपके घर में चार पहिया वाहन है उसमें कुछ बाधा उत्पन्न हो सकती है कुल मिलाकर के कष्ट को देने वाला या ग्रहण होगा.

तुला- तुला राशि वाले लोगों के लिए यह ग्रहण बहुत ही अच्छा है, तुला राशि वालों के लिए यह ग्रहण लक्ष्मी देने वाला होगा आपको कहीं ना कहीं से लाभ का योग बना हुआ है.

वृश्चिक- वृश्चिक राशि वालों के लिए यह ग्रहण क्षति का योग बना हुआ है, कुंड में में किसी से वैचारिक भिन्नता हो सकती है खासतौर से अपने वाणी पर नियंत्रण रखना होगा एक सलाह दिया जा सकता है कि दूसरा भाव वाणी का भी होता है, वृश्चिक राशि वालों के लिए यह ग्रहण  क्षति देने वाला होगा.

धनु- धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण लग रहा है, जिस राशि पर यह ग्रहण लगता है उस राशि के लिए अनुकूल नहीं होता है, तो निश्चित रूप से आप को ग्रहण के समय सीधे प्रभाव में नहीं पड़ना चाहिए ग्रहण के दौरान आपको ओम नमः शिवाय के मंत्र का जाप करना चाहिए धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण चोट एक्सीडेंट चिरफाड ऑपरेशन योग संजोग बना है. शारीरिक मानसिक और आर्थिक क्षति पहुंचाने का योग बना हुआ है धनु राशि वाले विशेष सावधानी बरतें.

मकर- मकर राशि वालों के लिए यह ग्रहण भय भाव में बना हुआ है इस ग्रहण में मकर राशि वालों के लिए खर्च की अधिकता हो सकती है यानी लॉस का योग बना हुआ है।

कुंभ- कुंभ राशि की बात करें, तो इन राशि वालों के लिए या ग्रहण एकादश भाव में अच्छा फल देते हैं,तो निश्चित रूप से कुंभ राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभ का संयोग बना हुआ है, या ग्रहण लाभ को देने वाला होगा.

मीन- मीन राशि वालों के लिए भी कोई चिंता का विषय नहीं है, यह ग्रहण मीन राशि वालों के लिए सुख को आनंद को प्रमोद को देने वाला होगा पिता को लेकर के थोड़ी चिंता बन सकती है, लेकिन लेकिन कुल मिलाकर के मीन राशि वालों के लिए ग्रहण लाभ का योग बना हुआ है.

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