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विधानसभा अध्यक्ष बोले, '36 घंटे लगातार चलेगा सत्र, UP के संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा होगा'

हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि दो वर्ष पहले पटना में भारत के सभी विधानसभाओं के अध्यक्ष बैठे थे. वहां पर संयुक्त राष्ट्र के लक्षणों से जुड़े विषयों पर की नोट प्रस्तुत करने का सौभाग्य उत्तर प्रदेश को मिला था.

विधानसभा अध्यक्ष बोले, '36 घंटे लगातार चलेगा सत्र, UP के संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा होगा'

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मंगलवार को लोकभवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 अक्टूबर (बुधवार) को उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र 36 घंटे चलेगा. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह एक विशेष अवसर है, जब पूरा विश्व उत्तर प्रदेश विधानसभा के 36 घंटे चलने वाले सत्र को लेकर जिज्ञासा में है. उन्होंने कहा कि मेरे युगांडा दौरे पर भी सभी इसके बारे में पूछ रहे थे. उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों का दृष्टिकोण हमेशा लोकमंगल का रहा है. 

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ गांव का नहीं, पूरे भारत का लक्ष्य है. इसको महात्मा गांधी ने जीवंत किया है. ह्दयनारायण दीक्षित ने कहा कि सतत विकास के लिए काम करने को स्वीकृति के बाद यह सत्र तय किया गया है. विधानसभा भी इस स्तर पर काम करे, इसको लेकर बैठक हुई थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी कई बार चर्चा हुई थी, मुख्यमंत्री ने खुद सतत सत्र की बात कही थी.

 

हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि दो वर्ष पहले पटना में भारत के सभी विधानसभाओं के अध्यक्ष बैठे थे. वहां पर संयुक्त राष्ट्र के लक्षणों से जुड़े विषयों पर की नोट प्रस्तुत करने का सौभाग्य उत्तर प्रदेश को मिला था. वहां भी सतत विकास के लक्ष्यों को लेकर देश के सभी विधानसभा अध्यक्ष ने सहमति बनी थी. अपने-अपने स्तर पर माननीय विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में उन 17 लक्ष्यों में विधानसभा में उसे पूरा करने का प्रयास करें. यह पिछले विधानसभा सत्र के दौरान विशेष कार्य मंत्रणा समिति में यह तय हुआ था.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह पूछा कि आपकी यह योजना थी, उसका क्या हुआ तो मैंने कहा- हम उसे जरूर पूरा करेंगे, परंतु हमारी योजना में सतत बैठना नहीं था. सीएम योगी ने कहा कि जब हम सतत लक्ष्य तय कर रहे हैं, तो सतत बैठना भी सदन में जरूरी है. जिस तरह 24 घंटे की रामायण होती है. उसी तर्ज पर 36 घंटे का एक लक्ष्य भी हो जाना चाहिए. ह्रदय नारायण दीक्षित ने कहा कि विपक्ष के नेताओ के साथ बैठक के बाद सरकार ने इस सत्र को चलाने के लिए कैबिनेट से मंजूरी दी. विपक्ष से बात करते हुए यह तय हुआ था कि सतत विकास के लिए किसी भी तरह की किसी को किसी के साथ असहमति नही है.

विकास के लक्ष्य
गरीबी उन्मूलन, भुखमरी समाप्त करना, सभी के लिए स्वस्थ जीवन, गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, सुरक्षित जल एवं स्वच्छता का सतत प्रबंधन, किफायती सतत और आधुनिक ऊर्जा, उचित कार्य एवं आर्थिक विकास, उद्यमिता नवीकरण एवं स्थापना, असमानता कम करना, समावेशी एवं सुरक्षित शहर, सतत उपभोग एवं उत्पादन, जलवायु परिवर्तन, शांतिपूर्ण एवं समावेशी संस्थाओं का निर्माण, लक्ष्यों के लिये भागीदारी तय करना.