संविधान दिवस पर बुलाया गया UP विधानमंडल का विशेष सत्र, सपा-कांग्रेस ने किया विरोध

इस सत्र को सबसे पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संबोधित किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का उद्देश्य नागरिकों की स्वतंत्रता और गरिमा बनाये रखना है. 

संविधान दिवस पर बुलाया गया UP विधानमंडल का विशेष सत्र, सपा-कांग्रेस ने किया विरोध
फाइल फोटो

लखनऊ : भारतीय संविधान की 70वीं जयंती (Constitution Day) पर उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया. इस दौरान मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और कांग्रेस (Congress) पार्टी सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक जहां संविधान की रक्षा को लेकर नारेबाजी की, वहीं कांग्रेस के नेता महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या की बात कही. हालांकि सरकार की ओर से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने का प्रयास किया गया. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, संविधान निर्माता डॉ़ भीमराव आंबेडकर तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उनके साथ मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगी भी थे.

इस सत्र को सबसे पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संबोधित किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत के संविधान का उद्देश्य नागरिकों की स्वतंत्रता और गरिमा बनाये रखना है. उन्होंने ये भी कहा कि भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से 370 हटाना संविधान की प्रस्तावना को मूर्ति रूप देना है, जिससे एक देश एक निशान और एक विधान का उद्देश्य पूरा हुआ है. प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 लाख से ज्यादा आवास का निर्माण कर प्रदेश में अव्वल स्थल प्राप्त किया गया है.  वहीं Odf में भी प्रदेश सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है. 

वहीं, विशेष सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास धरना दिया. साथ ही कांग्रेस के विधायक भी वहां पहुंच कर प्रदर्शन किया. विधान भवन प्रांगण में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान बड़ी संख्या में लोक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे हैं. यह पहला मौका है, जब आनंदीबेन पटेल उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों को एक साथ संबोधित किया.