इस तरह मरा 'कानपुर वाला विकास दुबे', STF की FIR में दर्ज पूरी कहानी

उज्जैन से कानपुर लाने के दौरान सुरक्षा को देखते हुए विकास की गाड़ी को बार-बार बदला जा रहा था, ताकि किसी को यह ना पता चल सके कि विकास किस गाड़ी में बैठा है. एनकाउंटर से ठीक पहले विकास दुबे सफारी गाड़ी में बैठा था, लेकिन जो गाड़ी पलटी वह महिंद्रा टीयूवी 300 थी. इस बात पर कई सवाल उठाए गए थे. 

इस तरह मरा 'कानपुर वाला विकास दुबे', STF की FIR में दर्ज पूरी कहानी
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (file photo)

कानपुर (kanpur) के बिकरू गांव (Bikru Village) में 2-3 जुलाई की दरम्यानी रात को 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले अपराधी  विकास दुबे के एनकाउंटर (Vikas Dubey Encounter) की पूरी कहानी सामने आई है. ये कहानी सुनाई है यूपी एसटीएफ के सीओ टीबी सिंह ने. जिन्होंने इस मामले की FIR दर्ज कराई है. 10 जुलाई की सुबह उज्जैन से लाते वक्त कानपुर के भौंती में एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के मामले में FIR दर्ज कराई गई है. 

उज्जैन में नहीं हुई थी गिरफ्तारी 
FIR में कहा गया है कि उज्जैन में विकास दुबे की गिरफ्तारी नहीं हुई थी, उसे सिर्फ हिरासत में लिया गया था. उज्जैन से कानपुर लाने के दौरान सुरक्षा को देखते हुए विकास की गाड़ी को बार-बार बदला जा रहा था, ताकि किसी को यह ना पता चल सके कि विकास किस गाड़ी में बैठा है. एनकाउंटर से ठीक पहले विकास दुबे सफारी गाड़ी में बैठा था, लेकिन जो गाड़ी पलटी वह महिंद्रा टीयूवी 300 थी. इस बात पर कई सवाल उठाए गए थे. 

गाय-भैंसों के झुंड आने से पलटी गाड़ी 
FIR के मुताबिक, जिस कार में विकास दुबे बैठा था उसमें इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी, सिपाही प्रदीप कुमार, दरोगा अनूप सिंह, पंकज सिंह व अन्य सिपाही बैठे थे. बारा टोल प्लाजा क्रॉस करते ही भारी बारिश शुरू हो गई थी. कानपुर की ओर काफिला बढ़ रहा था कि अचानक मवेशियों का एक झुंड आ गया, जिसकी वजह से ड्राइवर ने अपनी जीप बाईं तरफ काटी तो जीप डिवाइडर से टकराकर पलट गई. 

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गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे पीछे के दरवाजे से भागा 
दुर्घटना में जीप में बैठे पुलिसकर्मी बेहोश हो गए. इस दौरान विकास दुबे ने इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी की सर्विस पिस्टल छीनी और जीप के पीछे वाले दरवाजे से भाग निकला. विकास कच्ची सड़क से खेत की तरफ भाग रहा था तो पीछे से आ रही एसटीएफ की जीप से सीओ टीबी सिंह अपनी टीम के साथ उतरे और विकास के पीछे भागे. जिस पर विकास ने फायरिंग शुरू कर दी और एक गोली टीबी सिंह के सीने पर लगी, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण टीबी सिंह को कुछ नहीं हुआ. विकास की फायरिंग में एसटीएफ के सिपाही शिवेंद्र सिंह सिंगर और विमल कुमार को भी एक-एक गोली लगी. जवाबी फायरिंग में विकास दुबे बुरी तरह घायल हुआ और इलाज के दौरान अस्पताल में लाया गया जहां उसकी मौत हो गई.

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