सपा और बसपा को लेकर जनता में नाराजगी, कांग्रेस कहीं जमीन पर नहीं: अनुप्रिया पटेल

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल के बीच भाजपा के सहयोगी अपना दल की नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सपा एवं बसपा पर निशाना साधते हुए आज कहा कि जनता के बीच इन दोनों पार्टियों को लेकर भारी नाराजगी है तथा कांग्रेस का तो जमीनी स्तर पर कहीं आधार ही नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा समय में राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन एकमात्र विकल्प है और जनता ने इसी विकल्प को चुनने का मन बना लिया है।

सपा और बसपा को लेकर जनता में नाराजगी, कांग्रेस कहीं जमीन पर नहीं: अनुप्रिया पटेल

नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल के बीच भाजपा के सहयोगी अपना दल की नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सपा एवं बसपा पर निशाना साधते हुए आज कहा कि जनता के बीच इन दोनों पार्टियों को लेकर भारी नाराजगी है तथा कांग्रेस का तो जमीनी स्तर पर कहीं आधार ही नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा समय में राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन एकमात्र विकल्प है और जनता ने इसी विकल्प को चुनने का मन बना लिया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा, ‘बीते दो दशकों में उत्तर प्रदेश में ज्यादातर समय सपा या बसपा की सरकार रही है। इस दौरान राज्य का बुरा हाल हो गया। कानून व्यवस्था की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो गई है। अब दोनों पार्टियों से लोगों को कोई उम्मीद नहीं है। लोगों के बीच सपा और बसपा को लेकर भारी नाराजगी है।’ अनुप्रिया ने कहा, ‘मैंने हाल के दिनों में राज्य के कई जिलों का दौरा किया है। हर जगह यही देखने को मिला कि लोग भाजपा और अपना दल के गठबंधन को बहुत उम्मीद के साथ देख रहे हैं। यही गठबंधन राज्य में एकमात्र विकल्प है और जनता ने इसी को चुनने का फैसला कर लिया है।’ राहुल गांधी की ‘खाट सभा’ को लेकर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को किसी न किसी तरह से उत्तर प्रदेश की राजनीति में राहुल गांधी को जिंदा रखना है। इसीलिए इन सभाओं का आयोजन हो रहा है। वैसे हकीकत यह है कि जमीनी स्तर पर कांग्रेस कहीं नहीं है।’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच के कथित टकराव को लेकर अनुप्रिया ने कहा कि जब यादव परिवार अपने झगड़े को ही नहीं निपटा पा रहा है तो राज्य की जनता की समस्याओं का समाधान क्या करेगा। उन्होंने कहा, ‘यह पूरी तरह से वर्चस्व की लड़ाई है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उनको टिकट बांटने का अधिकार मिलना चाहिए। इसका मतलब यह है कि सपा में टिकट बांटने के अधिकार की लड़ाई चल रही है। ये लोग जब अपने झगड़े को नहीं निपटा पा रहे हैं तो फिर राज्य की जनता की समस्याओं का क्या समाधान करेंगे।’ 

अनुप्रिया ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब स्थिति में होने का दावा करते हुए कहा, ‘राज्य में कानून-व्यवस्था को फिर से कायम करना सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा रहेगा। इसके अलावा सामाजिक न्याय और राज्य का विकास भी चुनावी मुद्दा होगा।’ भाजपा गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर अपना दल की नेता ने कहा, ‘सपा में चुनाव के बाद परिवार के लोग बैठकर मुख्यमंत्री का फैसला कर लेते हैं। कांग्रेस में 10 जनपथ से फैसला होता है। हमारे गठबंधन में लोकतांत्रिक ढंग से फैसला होगा। चुनाव के बाद विधायक दल अपना नेता चुनेंगे और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भी मार्गदर्शन होगा।’