चर्चित ज्योति दहेज हत्याकांड में ट्रांसफर पीटिशन पर सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को नोटिस

मृतक महिला के पिता का आरोप है कि उसकी बेटी की शादी 4 दिसंबर 2017 में पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुन्नू सिंह चौहान के बेटे गोलू सिंह चौहान के साथ हुई थी. ये ब्लॉक प्रमुख पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी बताया जा रहा है.

चर्चित ज्योति दहेज हत्याकांड में ट्रांसफर पीटिशन पर सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को नोटिस
फाइल फोटो

नई दिल्ली: उन्नाव से जुड़े एक और मामले में दायर ट्रांसफर पीटिशन पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. ये मामला उन्नाव के चर्चित ज्योति दहेज हत्याकांड से जुड़ा है. मृतक महिला के पिता राकेश सिंह ने ट्रांसफर पीटिशन दायर की थी जिसपर आज सुप्रीम कोर्ट ने ये नोटिस जारी किया है.दरअसल, याचिका में उन्नाव रेप केस के तर्ज पर इस केस को भी दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है.साथ ही इस मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की गई है.

इसी साल 14 मई को ज्योति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मृतक महिला के पिता का आरोप है कि उसकी बेटी की शादी 4 दिसंबर 2017 में पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुन्नू सिंह चौहान के बेटे गोलू सिंह चौहान के साथ हुई थी. ये ब्लॉक प्रमुख पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी बताया जा रहा है.

पिता का कहना है कि दहेज के लिए उसकी बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. आपको बता दें कि मौत से 2 महीने पहले इसी साल 15 मार्च को ज्योति ने एक बच्ची को जन्म दिया था. पिता का कहना है कि ज्योति के मौत के बाद 2 महीने की बच्ची कहां है किसी को नहीं पता.इस मामले में 6 लोगों पर FIR दर्ज की गई थी लेकिन 3 लोगों की ही गिरफ्तारी संभव हो पाई,कुलदीप सिंह सेंगर के प्रभाव के चलते 3 लोगों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई जिनमें लिंकन सिंह उर्फ हरि ओम, जेठानी विनीता सिंह और देव कली शामिल है. इन तीनों लोगों को पुलिस ने बाद में क्लीन चिट दे दी थी.

मृतक के पिता का ये भी आरोप है कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुन्नू सिंह चौहान कुलदीप सिंह सेंगर का खास करीबी है जिसके चलते अब तक न्याय नहीं मिल पा रहा है, इस केस पर कुलदीप सिंह सेंगर का ऐसा प्रभाव है कि न तो पुलिस के आलाधिकारी सुन रहे हैं और न ही उन्हें न्याय मिल पा रहा है. कहीं से न्याय ना मिलता देख उन्होंने आखिरी रास्ता सुप्रीम कोर्ट चुना.पिता और मृतक महिला के भाई रोहित सिंह का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है और केस वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है.