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आम्रपाली को चल-अचल संपत्ति का देना होगा ब्यौरा, सुप्रीम कोर्ट में अधूरे प्रोजेक्ट पर सुनवाई कल

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया था.सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली की सभी 40 कंपनियों के बैंक खातों और चल संपत्ति को अटैच करने का आदेश जारी किया था

आम्रपाली को चल-अचल संपत्ति का देना होगा ब्यौरा, सुप्रीम कोर्ट में अधूरे प्रोजेक्ट पर सुनवाई कल
फाइल फोटो

नई दिल्लीः आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा.जस्टिस अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी.दरअसल, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली डायरेक्टरों से कहा था कि वो तमाम चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा पेश करे ताकि संपत्तियों को बेचकर प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सके.सुनवाई दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अम्रपाली से कहा था कि आप कोर्ट से न खेले नहीं तो आप भी बेघर होंगे, बायर्स की तरह अपने घर के लिए तरसेंगे और बायर्स अब एक नया पैसा नहीं देगा.

कोर्ट ने आम्रपाली को चेताया था कि अगर कोर्ट के साथ खेलने की कोशिश की तो हमे मजबूर होना होगा और आपको भी बेघर करने के लिए हम मजबूर होंगे. कोर्ट ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया था कि सिलिकॉन सिटी और जुड़ियाक प्रोजेक्ट के टॉवरों में काटी गई बिजली कनेक्शन को तत्काल जोड़ा जाए.आम्रपाली ने कोर्ट में कहा था कि प्रोजेक्ट पूरा करने में 5112 करोड़ रुपये लगेंगे. 

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को आम्रपाली के सभी अटके हुए अधूरे हाउसिंग प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी.इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी से 30 दिन में विस्तृत योजना मांगी थी.सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी को कहा था कि वह 30 दिन में बताए कि वह आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्टों को कैसे पूरा करेगा.साथ ही एनबीसीसी निर्माण कार्य पूरा करने के लिए निश्चित टाइम लाइन भी देगा. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह के सभी ऑडिटर्स को आदेश दिया है कि वह ग्रुप की सभी 40 कंपनियों के खातों का बारीकी से परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें.रिपोर्ट में ये भी बताया जाए कि आम्रपाली ग्रुप द्वारा होम बायर्स के लगभग 2500 करोड़ रुपये कहां लगाए हैं.पिछली सुनवाई के दौरान एनबीसीसी के चेयरमैन, आम्रपाली के चेयरमैन और शहरी विकास मंत्रालय के सचिव भी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया था.सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली की सभी 40 कंपनियों के बैंक खातों और चल संपत्ति को अटैच करने का आदेश जारी किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के सभी डायरेक्टर के बैंक खातों को फ्रीज करने और उनकी व्यक्तिगतसंपत्तियों को भी अटैच करने का आदेश दिया था.सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख अंदाज में कहा था कि आम्रपाली हमारे धैर्य की परीक्षा न ले. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को शहरी विकास मंत्रालय के सचिव और एनबीसीसी अध्यक्ष को भी पेश होने का आदेश दिया था.