Assembly Elections 2018: BJP के इस MLA ने बताया, 5 राज्यों में क्यों नहीं खिला 'कमल'

उन्होंने इसके साथ ही कहा कि जनता ने बीजेपी को आंशिक सबक दिया है. बीजेपी ने एससी, एसटी कानून पर अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर सुधार नहीं किया तो लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ेगा.

Assembly Elections 2018: BJP के इस MLA ने बताया, 5 राज्यों में क्यों नहीं खिला 'कमल'
सुरेंद्र सिंह की फाइल फोटो

बलिया: भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में बीजेपी के खराब प्रदर्शन का ठीकरा एससी/एसटी कानून में संशोधन पर फोड़ा है. बीजेपी के बैरिया क्षेत्र से विधायक ने मंगलवार (11 दिसंबर ) को पत्रकारों से कहा कि बीजेपी सवर्णों का अपमान करके जीत का सफर तय नहीं कर सकती. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार का एससी/एसटी कानून में संशोधन का निर्णय आत्मघाती था.

उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम अपेक्षा के अनुरूप ही हैं. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि जनता ने बीजेपी को आंशिक सबक दिया है. बीजेपी ने एससी, एसटी कानून पर अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर सुधार नहीं किया तो लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सवर्ण वर्ग बीजेपी का परम्परागत मतदाता है और जो अपनों को छोड़ कर पराए पर विश्वास करता है तो, अपना भी चला जाता है और पराया भी.

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले सत्ता का सेमीफाइनल कहे जा रहे 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को करारी शिकस्त दी. कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बीजेपी से राजस्थान, छत्तीसगढ़ छीन लिया और मध्यप्रदेश में भी सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई है. मिजोरम में 40 में से 40 सीटों के नतीजे आ चुके हैं. मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीतकर मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने एक दशक बाद सत्ता में वापसी की है. इसके साथ ही कांग्रेस पूर्वोत्तर में अपना अंतिम गढ़ भी हार गई. 

तेलंगाना में सत्ताधारी टीआरएस ने दो तिहाई बहुमत हासिल किया है. पार्टी ने 88 सीटों पर जीत हासिल की है. देश के इस सबसे युवा राज्य में टीआरएस दूसरी बार सरकार बनाएगी. यहां कांग्रेस के खाते में 19 सीटें आईं हैं और यहां भी बीजेपी को महज 1 सीट से संतोष करना पड़ा. टीआरएस का समर्थन करने वाली असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम ने 7 सीटें जीती हैं. टीआरएस अध्यक्ष और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने चुनावों में अपनी पार्टी का प्रभावशाली तरीके से नेतृत्व किया और खुद गजवेल सीट पर 57,321 मतों के अंतर से चुनाव जीता.