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गंगा एक्ट बनाने की मांग को लेकर अनशन कर रहे स्वामी सानंद का निधन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश को स्वामी सानंद अपना शरीर दान कर गए हैं. 

गंगा एक्ट बनाने की मांग को लेकर अनशन कर रहे स्वामी सानंद का निधन
स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद यानि प्रोफेसर जीडी अग्रवाल गंगा एक्ट बनाने के लिए लड़ाई लड़ रहे थे. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली/ऋषिकेश: गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का गुरुवार (11 अक्टूबर) को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में निधन हो गया. स्वामी सानंद को बुधवार (10 अक्टूबर) को हरिद्वार प्रशासन ने एम्स में भर्ती कराया था. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश को स्वामी सानंद अपना शरीर दान कर गए हैं. 

डॉक्टरों के मुताबिक कमजोरी और हार्ट अटैक से स्वामी सानंद का निधन हुआ है. लगातार कई महीनों से अनशन पर बैठे स्वामी सांनद ने मंगलवार (09 अक्टूबर) को जल भी त्याग दिया था. स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद 22 जून से गंगा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर अनशन पर थे.  ये आईआईटी कानपुर के पूर्व प्रोफेसर भी रह चुके हैं. इनका नाम प्रो, जीडी अग्रवाल था.

सांसद रमेश पोखरियाल निशंक से वार्ता विफल होने के बाद उन्होंने जल भी त्याग दिया था. बुधवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:30 बजे पुलिस बल मातृसदन पहुंचा था. इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट और कनखल सीओ मातृसदन पहुंचे और आश्रम में धारा 144 लगाए जाने की बात कही. इस पर स्वामी शिवानंद भड़क गए और आश्रम में धारा 144 लगाना नियमों के विरुद्ध बताया. इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने स्वामी शिवानंद से सानंद को ले जाने की अनुमति मांगी. जानकारी के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट के आग्रह को स्वामी शिवानंद मान गए, लेकिन स्वामी सानंद ने जाने से इनकार कर दिया था. इसपर सिटी मजिस्ट्रेट सहित पुलिस बल ने जबरन स्वामी सानंद को उठाकर एंबुलेंस में बैठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती करा दिया था.