उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष चुने गए स्वतंत्र देव सिंह, जानें उनका राजनीतिक सफर

स्वतंत्र देव सिंह को उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष चुन लिया गया है. उनका कार्यकाल तीन वर्षों तक के लिए होगा.

उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष चुने गए स्वतंत्र देव सिंह, जानें उनका राजनीतिक सफर
स्वतंत्र देव सिंह की फाइल फोटो.

लखनऊ: स्वतंत्र देव सिंह को तीन वर्ष के लिए उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया है. उनका कार्यकाल तीन वर्षों तक के लिए होगा. बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक भूपेंद्र यादव ने स्वतंत्र देव सिंह के नाम ​की घोषणा की. इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य, बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री और यूपी बीजेपी चुनाव पर्यवेक्षक मंगल पांडेय, उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री सुनील बंसल और उत्तर प्रदेश बीजेपी के चुनाव अधिकारी आशुतोष टंडन भी मौजूद रहे.

प्रदेश परिषद की बैठक में स्वतंत्र देव सिंह के नाम पर मुहर लगी. गौरतलब है कि गुरुवार को यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल हुआ था. स्वतंत्र देव सिंह नामांकन करने वाले इकलौते उम्मीदवार थे और उनका निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय था. शुक्रवार को उनके नाम पर औपचारिक मुहर लग गई. उत्तर प्रदेश के 1.63 लाख बूथों में से 1.57 लाख बूथों पर चुनाव हुआ. केंद्रीय कार्यालय से स्वतंत्र देव सिंह को नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्ताव किया कि नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष को परिषद सदस्य के चयन के लिए अधिकृत किया जाए. इसका उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समर्थन किया.

मूलरूप से मिर्जापुर के रहने वाले हैं स्वतंत्र देव सिंह
स्वतंत्र देव सिंह मूलरूप से मिर्जापुर के रहने वाले हैं. वह पढ़ाई के लिए जालौन के कालपी आए कुछ ही वर्षों में ‘मिर्जापुरी’ से ‘जालौनी’ बन गए. उरई से उन्होंने स्नातक किया और यहीं से राजनीति में भी उतरे. स्वतंत्र देव सिंह के बड़े भाई श्रीपत सिंह पुलिस विभाग में कार्यरत थे. उनकी पोस्टिंग कालपी थाने में हुई तो स्वतंत्र देव भी भाई के साथ कालपी आ गए और एमएसवी इंटर कालेज में पढ़ाई की. इसके बाद स्नातक की पढ़ाई उरई से की. साल 2012 के विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र देव सिंह कालपी से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे. हालांकि इस चुनाव में कांग्रेस की उमाकांति ने उन्हें हरा दिया था. 

स्वतंत्र देव सिंह का संगठनात्मक अनुभव है खास
साल 2017 में जब भाजपा की सरकार बनी तो पार्टी के लिए उनके समर्पण को देखते हुए उन्हें बिना चुनाव लड़े परिवहन मंत्री बनाया गया. इसके बाद वह विधान परिषद के सदस्य बनाए गए. लोक सभा चुनाव में उन्हें मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया. लोकसभा चुनाव 2019 में मध्य प्रदेश में भाजपा की सफलता ने स्वतंत्र देव का सियासी कद और बढ़ा दिया. संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए ही स्वतंत्र देव सिंह को उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई है. यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि स्वतंत्र देव सिंह का घरेलू नाम कांग्रेस सिंह था.

'कांग्रेस सिंह' कैसे बन गए 'स्वतंत्र देव सिंह', जानें
जब वह भाजपा में सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे थे तभी एक कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती की मौजूदगी में उन्हें भाषण के लिए बुलाया गया. उनका घरेलू नाम कांग्रेस सिंह सुनकर उमा भारती चौंकी फिर उनके प्रभावशाली संबोधन से बेहद प्रभावित हुईं और कहा कि आपका नाम कांग्रेस नहीं होना चाहिए. उन्हें एक नया नाम स्वतंत्र देव दिया तब से कांग्रेस सिंह भाजपा के स्वतंत्र देव सिंह हो गए.