गाय की मौत से गम में है पूरा गांव, तेरहवीं पर 1000 लोगों को कराया गया भोज

ग्रामीणों और परिवार का  दावा है कि यह गाय करीब 13 साल से बिना प्रजनन के दूध दे रही थी.

गाय की मौत से गम में है पूरा गांव, तेरहवीं पर 1000 लोगों को कराया गया भोज
मंत्रोच्चार के पूजन किया गया और फोटो लगाकर श्रद्धांजलि दी गई.

नई दिल्ली/ गाजियाबाद: पशु प्रेम क्या होता है. इसका एक उदाहरण गाजियाबाद के मुरादनगर इलाके के काकड़ा गांव में देखने को मिला. यहां एक गाय 13 साल से परिवार का हिस्सा थी. उसकी मौत के बाद परिवार के लोगों ने पूरे रीति रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार किया. साथ ही तेरहवीं के मौके पर बड़े स्तर पर भोज का आयोजन किया गया. तेरहवीं के लिए कार्ड बांटकर आसपास के कई गांव के लोगों भोज में आमंत्रित किया गया था. भोज में एक हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए.

Thousands of people reached in 13th consecration of the cow

13 साल से परिवार की हिस्सा थी गाय
काकड़ा गांव निवासी किसान देवप्रकाश शर्मा ने दिसंबर साल 2004 में गांव में ही रहने वाले ग्राम प्रधान सतीश त्यागी से दो हजार रुपए में एक गाय खरीदी थी. घर वालों ने बड़े प्यार से गाय का नाम गौरी रखा था.

बिना प्रजनन के दे रही थी दूध 
ग्रामीणों और परिवार का दावा है कि यह गाय करीब 13 साल से बिना प्रजनन के दूध दे रही थी. देव प्रकाश त्यागी के परिजनों ने बताया कि गौरी रोजाना 14-15 लीटर दूध देती थी. उन्होंने बताया कि गाय ने सिर्फ एक बार ही बछड़े को जन्म दिया था.

जहरीले कीड़े के काटने से हुई थी मौत
जानकारी के मुताबिक, गौरी की मौत 31 मार्च को हुई थी. ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक जहरीले कीड़े के काटने से गाय गौरी की मौत हो गई. गाय की मौत के बाद उसकी शवयात्रा निकाली थी.

फोटो लगाकर दी श्रद्धांजलि 
गाय की मौत के बाद पूरे परिवार में गम का माहौल पसर गया. परिवार के लोगों ने पूरे रीति रिवाज के साथ गाय का अंतिम संस्कार किया और मंत्रोच्चार के साथ फोटो लगाकर श्रद्धांजलि दी गई.

भोज में शामिल हुए एक हजार लोग
गौरी की तेरहवीं के मौके पर गांव के करीब एक हजार लोग शामिल हुए. इस भोज में बीजेपी विधायक अजीतपाल भी शामिल हुए.