भीमराव अंबेडकर की 130वीं जयंती आज, पीएम मोदी, सीएम योगी समेत तमाम लोगों ने किया नमन

कोरोना वायरस संक्रमण के लॉकडाउन के बीच डॉ. आंबेडकर की 130वीं जयंती पर देश उनको नमन कर रहा है.

भीमराव अंबेडकर की 130वीं जयंती आज, पीएम मोदी, सीएम योगी समेत तमाम लोगों ने किया नमन
फाइल फोटो

लखनऊ: आज देश भर में डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर की जयंती मनाई जा रही है. प्यार से लोग उन्हें बाबासाहेब अम्बेडकर के नाम से भी जानते हैं. उनकी पहचान एक न्यायविद, अर्थशास्त्री और समाज सुधारक के रूप में होती है. कोरोना वायरस संक्रमण के लॉकडाउन के बीच डॉ. आंबेडकर की 130वीं जयंती पर देश उनको नमन कर रहा है.

भीमराव अम्बेडकर  की 130वीं जयंती पर पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं ने उन्हें नमन किया है. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, "भारत रत्न डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर को उनकी जयंती पर शत-शत नमन. समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए किया गया उनका संघर्ष हर पीढ़ी के लिए एक मिसाल बना रहेगा."

 

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर को नमन किया है. उन्होंने कहा, "बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर मैं उन्हें सादर नमन करता हूं. संविधान निर्माता के रूप मे उनका जो योगदान है उसका यह देश हमेशा ऋणी रहेगा. आधुनिक भारत की नींव तैयार करने में उनकी महती भूमिका रही है. बाबासाहेब की प्रेरणा से उसी नींव पर हम नए भारत का निर्माण कर रहे हैं."

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य पर डॉ. अम्बेडकर को नमन किया. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा-महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी, संविधान शिल्पी, सामाजिक न्याय के प्रणेता, अद्वितीय विधिवेत्ता 'भारत रत्न' बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी को उनकी जयंती पर नमन. आपके द्वारा पोषित सामाजिक न्याय एवं समतामूलक समाज का दीप सदैव प्रज्ज्वलित रहेगा.

 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी बाबासाहेब को उनकी जयंती पर नमन किया है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- सामाजिक समरसता के अग्रदूत, संविधान के शिल्पकार, भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी द्वारा भारतीय संविधान के निर्माण में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए देशवासी सदैव उनके प्रति कृतज्ञ रहेंगे। आज उनकी जयंती पर उन्हें शत शत नमन और भावपूर्ण श्रद्धांजलि.

 

डॉ बी आर अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू, मध्य प्रदेश में हुआ था. बाबासाहेब को संविधान निर्माता और आजाद भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में जाना जाता है. भारत के संविधान के एक प्रमुख वास्तुकार, अंबेडकर ने महिलाओं के अधिकारों और मजदूरों के अधिकारों की वकालात की. 

2015 से अम्बेडकर जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है. उन्हें 31 मार्च 1990 को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया. बाबासाहेब का जीवन सचमुच संघर्ष और सफलता की ऐसी अद्भुत मिसाल है. उन्होंने दलितों और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया. उनके योगदान को देखते हुए हर साल उनके जन्मदिन को अंबेडकर जयंती के रूप में मनाया जाता है. 

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