Tokyo Olympics: मेरठ की अन्नू रानी भाला फेंक मुकाबले में दिखाएंगी दमखम, देश को पदक की उम्मीद

टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics) में मेरठ की बेटी भारत का प्रतिनिधित्व  करने जा रही है. भाला फेंक चैंपियन अन्नू रानी (Annu Rani) कल यानी 3 अगस्त को ओलिंपिक क्वालीफाइंग में भाग लेंगी. 

Tokyo Olympics: मेरठ की अन्नू रानी भाला फेंक मुकाबले में दिखाएंगी दमखम, देश को पदक की उम्मीद
Tokyo Olympics: देश को टोक्यो ओलंपिक में अन्नू रानी से मेडल की उम्मीद है.

मेरठ: टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics) में मेरठ की बेटी भारत का प्रतिनिधित्व  करने जा रही है. भाला फेंक चैंपियन अन्नू रानी (Annu Rani) से खेल प्रेमियों को पदक की उम्मीद नजर आ रही है. वह कल यानी 3 अगस्त को ओलिंपिक क्वालीफाइंग में भाग लेंगी. बता दें अन्नू पहली भारतीय महिला एथलीट हैं जो भाला फेंक प्रतियोगिता में ओलिंपिक में जा रही हैं. 

60 मीटर से दूर भाला फेंक बनाया रिकॉर्ड 
इंडियन क्वीन ऑफ जैवलिन के नाम से मशहूर अन्नू रानी ने 63.24 मीटर भाला फेंककर नेशनल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था. वह मात्र .77 मीटर से ओलंपिक क्वालिफाई करने से चूक गई थीं, लेकिन वर्ल्ड रैंकिंग के आधार पर उन्हें टोक्यो ओलंपिक में शामिल होने का मौका मिला है. वह अपने ही नेशनल रिकॉर्ड को 7 बार तोड़ चुकी हैं. 

आर्थिक समस्याओं को दरकिनार कर हासिल की कई उपलब्धियां
अन्नू रानी पांच बहन-भाइयों में सबसे छोटी हैं. उनके पिता अमरपाल सिंह किसान है. अन्नू ने 12 साल के खेल करियर में आर्थिक समस्याओं को दरकिनार कर कई उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने अपने भाई के सपोर्ट से खेलना शुरू किया. शुरुआत में भाला फेंक के अलावा वह गोला फेंक और चक्का फेंक का भी अभ्यास करती थीं. लेकिन उन्होंने भाला फेंक को अपना भविष्य चुना. अन्नू ने 6 से 12वीं तक की पढ़ाई श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज दबथुआ से की, जिसके बाद गांव के डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. 

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भाला नहीं खरीद सकीं तो बांस,गन्ने और गेंद फेंककर किया अभ्यास
अन्नू ने आर्थिक समस्याओं को कभी अपने खेल के प्रति जुनून के बीच नहीं आने दिया. जब भाला खरीदने में दिक्कत हुई तो बांस, गेंद और गन्ने फेंककर अभ्यास करती थीं. उनके बड़े भाई उपेंद्र भी 5,000 मीटर के धावक हैं, उन्होंने अन्नू को गुरुकुल प्रभात आश्रम पहुंचाया. इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ कांस्य पदक विजेता काशीनाथ नाइक से तकनीकी प्रशिक्षण हासिल किया.

इंडियन क्वीन ऑफ जैवलिन के नाम दर्ज हैं कई खास उपलब्धियां
- 2014 एशियाई गेम्स में 59.53 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक जीता.
- 2014 कामनवेल्थ गेम्स में प्रतिभा किया. 
- 2015 में एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य जीता. 
- 2017 में एशियाई चैंपियनशिप में रजत पद जीता.
- वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में फाइनल में जगह पक्की करने वाली पहली भारतीय बनीं.
- नेशनल चैंपियनशिप 2019 में 62.34 मीटर फेंककर रिकॉर्ड बनाया.

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