यूपी में जीका वायरस का पहला केस: कानपुर के एयरफोर्स अफसर हुए संक्रमित, रोकथाम के लिए 10 टीमें गठित
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यूपी में जीका वायरस का पहला केस: कानपुर के एयरफोर्स अफसर हुए संक्रमित, रोकथाम के लिए 10 टीमें गठित

एमएम अली को इलाज के लिए एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लक्षणों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन ने उनका सैंपल जांच के लिए पुणे भेजा था, जिसके बाद जीका वायरस टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है...

यूपी में जीका वायरस का पहला केस: कानपुर के एयरफोर्स अफसर हुए संक्रमित, रोकथाम के लिए 10 टीमें गठित

श्याम तिवारी/कानपुर: अभी कोरोना वायरस और डेंगू-मलेरिया का कहर खत्म भी नहीं हुआ है कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक और वायरस ने घुसपैठ कर ली है. दरअसल, कानपुर (Kanpur) में जीका वायरस (Zika Virus)का पहला मरीज मिला है. यह खबर सामने आके ही शहर में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि एयरफोर्स स्टेशन के वॉरंट अफसर एमएम अली में जीका वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है.

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जीका की रोकथाम के लिए बनाई गईं 10 टीमें
एमएम अली को इलाज के लिए एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है. लक्षणों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन ने उनका सैंपल जांच के लिए पुणे भेजा था, जिसके बाद जीका वायरस टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. अब मरीज के संपर्क में आने वालों के सैंपल लिए गए हैं और जांच की जा रही है. इसी के साथ जानकारी मिल रही है कि जीका संक्रमण की रोकथाम के लिए 10 टीमें गठित की गई हैं.

मरीज के परिजनों और दोस्तों के सैंपल भी भेजे गए
बता दें, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नैपाल सिंह (CMO Nepal Singh) ने जनपद में पहले मरीज में जीका वायरस मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि पीड़ित एयरफोर्स कर्मी एमएम अली की पिछले एक महीने में कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिली है. जिस कॉलोनी में यह केस मिला है, वहां आसपास मच्छरों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव करवाया गया है. फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर पेशंट के परिजनों और कॉन्टैक्ट में आए लोगों को मिलाकर 22 के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ में केजीएमयू लैब में भेजा गया है.

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क्या है जीका वायरस?
जीका वायरस एक मच्छर जनित संक्रमण है. यह मच्छरों की एडीज प्रजाति से फैल सकता है. आमतौर पर एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस इसके लिए जिम्मेदार बताए जाते हैं. यही मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया वायरस भी फैला सकते हैं. अगर मच्छर जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति का खून पिये तो वह भी संक्रमित हो जाता है. इसके बाद बाकी लोगों को काटने पर संक्रमित कर सकता है.

प्रेग्नेंट महिलाओं को सावधान रहना ज्यादा जरूरी
जीका वायरस गर्भवती होने पर संक्रमित महिलाओं से पैदा हुए बच्चों में माइक्रोसेफली पैदा कर सकता है. माइक्रोसेफली एक दुर्लभ जन्म दोष है. इसमें बच्चे का सिर नॉर्मल साइज से छोटा होता है, जो दिमाग के डेवलपमेंट में समस्याएं पैदा करता है. इसके अलावा, कुछ और केसेस में नवजात में सुनने की समस्याएं और बिगड़ा हुआ विकास भी हो सकता है.

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