12 साल बाद आज आया वह दिन जब अपने घर रवाना हुए 'तमिल के तुलसी' गोविन्दराजन

काफी समय से तबीयत ठीक न होने पर विज्ञान परिषद के कमरे में रहते हुए देख-रेख के बाद भी वरिष्ठ लेखक गोविन्दराजन ने तमिलनाडु के तंजाउर स्थित अपने घर पहुंचाए जाने की इच्छा जताई थी...

12 साल बाद आज आया वह दिन जब अपने घर रवाना हुए 'तमिल के तुलसी' गोविन्दराजन

प्रयागराज: कोरोना को मात देने के बाद आखिरकार 'तमिल के तुलसी' डॉ. एम.गोविंदराजन आज फ्लाइट से तमिलनाडु के तंजाउर स्थित अपने घर के लिए बमरौली एयरपोर्ट प्रयागराज से रवाना हो गए. उनके दामाद एस. बालाकृष्णन भी उनके साथ प्रयागराज से रवाना हो गए. पिछले 12 सालों से प्रयागराज में रह कर अपना पूरा जीवन साहित्य की सेवा में समर्पित करने वाले तमिल के तुलसी के नाम से विख्यात साहित्यकार डा. एम गोविन्दराजन का घर जाने का सपना आखिरकार पूरा हो गया.

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12 साल से अकेले कमरे में रहते थे 
प्रयागराज के विज्ञान परिषद में पिछले 12 सालों से एक कमरे में अकेले रहकर रामचरित मानस समेत तुलसीदास की सभी कृतियों का तमिल में अनुवाद करते थे. तमिल के तुलसी के नाम से विख्यात वरिष्ठ लेखक डॉ. एम गोविन्दराजन की कोविड की वजह से तबीयत खराब हो गई थी. इसके बाद उन्होंने अपने घर जाने की इच्छा जताई थी. डॉक्टर की देख-रेख में अब ठीक होने के बाद आखिरकार वह अपने घर जा रहे हैं.

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यूपी सरकार के मंत्री ने की मदद
लेखक की आर्थिक स्तिथि ठीक न होने की वजह से यूपी सरकार के मंत्री नंद गोपाल नंदी ने तमिलनाडु स्थित उनके घर फ्लाइट से भेजने की पहल की है. मंत्री नंदी ने वरिष्ठ लेखक गोविन्दराजन के साथ ही उनके दामाद एस. बालाकृष्णन का इंडिगो फ्लाइट से टिकट बुक कराया है. करीब 12 वर्ष बाद गोविन्दराजन तमिलनाडु के तंजाउर स्थित अपने अपने घर जा रहे हैं. वे अपने दामाद के साथ प्रयागराज एयरपोर्ट से बेंगलुरु की फ्लाइट से रवाना हो गए हैं. बेंगलुरु में उतरने के बाद कनेक्टिंग फ्लाइट से वे चेन्नई पहुंचेंगे.

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काफी समय से तबीयत खराब चल रही थी
काफी समय से तबीयत ठीक न होने पर विज्ञान परिषद के कमरे में रहते हुए देख-रेख के बाद भी वरिष्ठ लेखक गोविन्दराजन ने तमिलनाडु के तंजाउर स्थित अपने घर पहुंचाए जाने की इच्छा जताई थी. इसकी जानकारी होते ही उन्हें फ्लाइट से उनके घर भेजे जाने का भरोसा मंत्री की तरफ से दिलाया गया था. लेखक गोविन्दराजन को उनके घर भेजने के लिए उनके दामाद एस. बालाकृष्णन को भी बुला लिया गया था.

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