यूपी धर्मांतरण रैकेट: मूक-बधिर थे निशाना ताकि छिपा रहे कारनामा, खुद हिंदू से मुस्लिम बना एक आरोपी

मोहम्मद उमर खुद धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बना है. उसके पिता का नाम धनराज सिंह गौतम है. दोनों दिल्ली के जामिया नगर के रहने वाले हैं.

यूपी धर्मांतरण रैकेट: मूक-बधिर थे निशाना ताकि छिपा रहे कारनामा, खुद हिंदू से मुस्लिम बना एक आरोपी
धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले आरोपी जहांगीर कासमी (L), मोहम्मद उमर गौतम.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad) ने एक बड़े धर्म परिवर्तन रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसके बारे में बताया. यूपी एटीएस के मुताबिक मोहम्मद उमर और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी नाम के दो लोगों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है.

आरोपी मोहम्मद उमर खुद हिंदू से मुसलमान बना है
मोहम्मद उमर खुद धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बना है. उसके पिता का नाम धनराज सिंह गौतम है. दोनों दिल्ली के जामिया नगर के रहने वाले हैं. यूपी एटीएस के मुताबिक ये दोनों धर्मांतरण के लिए मूक-बधिर बच्चों और वयस्कों को टारगेट करते थे. कारण कि इनके मूक-बधिर होने के कारण धर्मांतरण की बात आसानी से किसी को पता नहीं चल सकेगी. इनका रैकेट नोएडा, मथुरा और कानपुर में फैला है.
 
मूक-बधिर, गरीब, बेसहारा महिलाएं थीं इनका निशाना
इसके अलावा कमजोर आय वर्ग के लोगों और बेसहारा महिलाओं को धन, नौकरी व शादी का लालच देकर ये दोनों उनका धर्मांतरण कराते थे. एटीएस के मुताबिक उमर और जहांगीर अब तक 1000 से अधिक लोगों का इस्लाम में धर्मांतरण करा चुके हैं. दरअसल, 2 जून को दो लोग जबरन डासना मंदिर में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे.

इन दोनों ने पुजारी पर हमले का प्रयास भी किया. जांच के दौरान इनके पास से ब्लेड और कुछ संदिग्ध चीजें मिलीं थीं. इन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू हुई तो मौलाना उमर और जहांगीर के बारे में पता चला. एक-एक कर परतें खुलती चली गईं और अब यह बड़ी बात निकलकर सामने आई.

नोएडा स्थित मूक-बधिर स्कूल के 18 बच्चों का धर्मांतरण
यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार के मुताबिक नोएडा स्थित एक मूक-बधिर स्कूल के 18 बच्चों का धर्मांतरण कराया गया है. यह रैकेट दो साल से चल रहा था. इन आरोपियों के तार देशभर में हो सकते हैं. गिरफ्तार कर आरोपियों को दिल्ली से लखनऊ लाया जा रहा है. यूपी एटीएस ने इस काम में विदेश फंडिंग की आशंका कि से इनकार नहीं किया है.

एटीएस की पूछताछ में ये बातें निकलकर सामने आई हैं

  1. मोहम्मद उमर ने पूछताछ में बताया कि वह पहले हिंदू था. उसके पिता का नाम धनराज सिंह गौतम है. वह मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी से मिला, जो पहले से इस्लामी दावा नामक संस्था चला रहा था. इसका रैकेट नोएडा, मथुरा और कानपुर में फैला है. 
  2. उमर गौतम ने बताया कि उसने अभी तक लगभग एक हजार गैर मुस्लिमों को धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनाया है और उनकी शादी मुस्लिमों से करवाई है.
  3. उमर और उसके साथियों द्वारा धर्म परिवर्तन हेतु IDC (Islamic Dawah Centre) दिल्ली के जामिया नगर से चलाया जाता है.
  4. इस कार्य के लिए IDC के बैंक खातों में व अन्य माध्यों से भारी मात्रा में पैसे उपलब्ध करवाए जाते हैं। विदेशों से भी फंडिंग की जाती है.
  5. यह भी तथ्य प्रकाश में आया है कि Noida Deaf Society, नोएडा सेंटर, सेक्टर-117 गौतमबुद्धनगर के रेजिडेंशियर स्कूल में प्रलोभन देकर छात्रोंको इस्लमाम धर्म में शामिल करवाया जा रहा है.
  6. Noida Deaf Society एक कानपुर निवासी छात्र के परिजनों ने बताया कि उनका बच्चा मूक बधिर है, उसका धर्म परिवर्तन कर साउथ के किसी राज्य में ले जाया गया है. इस बारे में बच्चे ने मोबाइल से वीडियो कॉल कर अपने माता पिता जानकारी दी है. ऐसा ही हरियाणा के गुरुग्राम के बच्चे से जुड़ा मामला सामने आया है.

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