UP Board के 10वीं और 12वीं के छात्रों को पास करने का फॉर्मूला जारी, समझिए पूरा गणित

 इंटरमीडिएट के लिए हाई स्कूल के 50% कक्षा 11 के 40% और कक्षा 12वीं प्री बोर्ड के 10% अंक लिए जाएंगे. वहीं हाई स्कूल के लिए कक्षा 9 के 50% कक्षा 10 प्री बोर्ड के 50% अंक लिए जाएंगे. 

UP Board के 10वीं और 12वीं के छात्रों को पास करने का फॉर्मूला जारी, समझिए पूरा गणित

मयूर शुक्ला/लखनऊ: यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों को पास करने का फॉर्मूला जारी कर दिया गया है. जिसके तहत इंटरमीडिएट के लिए हाई स्कूल के 50% कक्षा 11 के 40% और कक्षा 12वीं प्री बोर्ड के 10% अंक लिए जाएंगे. वहीं हाई स्कूल के लिए कक्षा 9 के 50% कक्षा 10 प्री बोर्ड के 50% अंक लिए जाएंगे. आपको बता दें कि हाई स्कूल परीक्षा में कुल 29,94,312 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं. जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 26,10,316 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं.

आइए जानते हैं क्या है 12वीं के रिजल्ट का गणित
वार्षिक/अर्द्धवार्षिक परीक्षा, कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा एवं प्रयोगात्मक विषयों के अंक उपलब्ध हैं. इन अंको आधार पर वर्ष 2021 की इण्टरमीडिएट परीक्षा के परीक्षार्थियों के अंको के निर्धारण का फार्मूला निम्नवत है.

गैर प्रयोगात्मक विषय (अर्थात जिन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं नही होती हैं) जिनका पूर्णांक 100 अंकों का होता है.
1. कक्षा-10 बोर्ड परीक्षा के कुल प्राप्तांक के औसत का 50 प्रतिशत. औसत का आगणन(कैलकुलेशन) कक्षा-10 के सम्पूर्ण विषयों के कुल प्राप्तांक को कुल विषयों की संख्या अर्थात 6 से विभाजित करके आगणित (कैलकुलेट) किया जायेगा.
2. कक्षा-11 की वार्षिक परीक्षा में सम्बन्धित विषय विशेष के 100 अंक के पूर्णांक के 40 प्रतिशत अंक. 
3. कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा में सम्बन्धित विषय विशेष के 100 अंक के पूर्णांक के 10प्रतिशत अंक.

उपर्युक्तानुसार आगणन के पश्चात प्राप्त तीनो अंको को जोड़कर सम्बन्धित परीक्षार्थी के विषयवार अंको का निर्धारण किया जायेगा. 

ऐसे समझिए
यदि परीक्षार्थी ने कक्षा-10 की वार्षिक लिखित परीक्षा में 600 में से 300 अंक प्राप्त किये हैं. तब उसका औसत अंक 300/6=50अंक होगा. इसमें से 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसे 25 अंक देय होगा. कक्षा-11 में किसी विषय विशेष में यदि उसे 100 अंक में से 60 अंक मिले हैं. तब उसका 40 प्रतिशत 24 अंक होगा. इसी प्रकार प्रीबोर्ड परीक्षा से कक्षा-12 में उस विषय में उसे 50 अंक मिले हैं तब उसका 10 प्रतिशत 5 अंक होगा. इस प्रकार उसके कुल अंक 25+24+5=54 अंक होंगे. 

हाईस्कूल रिजल्ट 
हाईस्कूल परीक्षा में 70 अंको की लिखित परीक्षा तथा 30 अंको की आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा कुल 100 अंकों की परीक्षा होती है. वर्ष 2021 की आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा के अंक, कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा के 70 अंको की लिखित परीक्षा तथा कक्षा-10 की 70 अंक की लिखित प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड है. जिनके आधार पर वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा के परीक्षार्थियों के अंको का निर्धारण का फार्मूला निम्नवत है. 

1. कक्षा-9 की  70 अंको की वार्षिक विषयवार लिखित परीक्षा का 50 प्रतिशत अंक. 
2. कक्षा-10 की 70 अंको की प्री-बोर्ड विषयवार लिखित परीक्षा का 50 प्रतिशत अंक
3. वर्ष 2021 में विद्यालय स्तर पर सम्पादित 30 अंको की आन्तरिक मूल्यॉकन परीक्षा के अंक
उपर्युक्तानुसार आगणन के पश्चात प्राप्त तीनो अंको को जोड़कर सम्बन्धित परीक्षार्थी के विषयवार अंको का निर्धारण किया जायेगा. 

ऐसे समझिए
यदि परीक्षार्थी ने कक्षा-9 की वार्षिक लिखित परीक्षा में 70 अंको में से 60 अंक पायें हैं. तब 50 प्रतिशत के अनुसार उसके 30 अंक लिये जायेंगे. कक्षा-10 की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा में 70 अंको में से 40 अंक पायें हैं. तब 50 प्रतिशत देयता के अनुसार उसके 20 अंक लिये जायेंगे. आन्तरिक मूल्यांकन परीक्षा में यदि उसने 30 अंक में से 28 अंक पायें हैं. तब सम्बन्धित परीक्षार्थी को कुल अंक 30+20+28=78 अंक प्राप्त होंगे. 

आंतरिक मूल्यांकन के अंक नहीं हैं तो क्या होगा? 
यदि परीक्षार्थियों के कक्षा-12 की प्रयोगात्मक परीक्षा/कक्षा-10 के आंतरिक मूल्यांकन के अंक उपलब्ध नहीं हैं, तो ऐसी  स्थिति में प्रत्येक परीक्षार्थी को उस विषय विशेष के लिये लिखित परीक्षा हेतु निर्धारित प्रक्रिया से प्राप्त अंक को उस विषय विशेष के पूर्णाक के आधार पर समानुपातिक रूप से आगणित कर प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक प्रदान किये जायेंगे.
 
12वीं के जिस किसी भी परीक्षार्थी (व्यक्तिगत/संस्थागत) के कक्षा-11 की दोनो परीक्षाओं (वार्षिक परीक्षा व अर्धवार्षिक) एवं/अथवा कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा तथा हाईस्कूल के जिस किसी भी परीक्षार्थी (व्यक्तिगत/संस्थागत) के कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा एवं/अथवा कक्षा-10 की प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध नहीं होंगे. उन्हें बिना अंको के सामान्य रूप से प्रोन्नत कर दिया जायेगा.
 
1. किसी परीक्षार्थी वार्षिक, अर्धवार्षिक, प्री-बोर्ड परीक्षा के अधिकतम 03 विषयों तक अंक अप्राप्त होने पर उस परीक्षा के शेष विषयों के प्राप्तांक का औसत उन तीन विषयों में दिया जायेगा. 

2. लिखित परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक प्राप्त नहीं होने लेकिन आंतरिक मूल्यांकन प्रयोगात्मक परीक्षा में उत्तीर्ण होने की स्थिति में परीक्षार्थी को बिना अंक के सामान्य प्रोन्नति प्रदान की जायेगी. 
 
प्रयोगात्मक विषयों में कक्षा 9/10/11/12 के उपलब्ध अंकों को बोर्ड की लिखित परीक्षा के निर्धारित अंकों पर स्केल करके प्रयोगात्मक/  आंतरिक मूल्यांकन  के अंक (जो भी लागू होते हैं) से जोड़ा जायेगा. वर्ष 2021 की परीक्षा में उत्तीर्ण हुये परीक्षार्थियों की मेरिट सूची नहीं तैयार करायी जायेगी. 

समस्त वर्ष 2021 के पंजीकृत परीक्षार्थी, जो अंक सुधार हेतु पुनः परीक्षा में सम्मिलित होना चाहते हैं, उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षा में शुल्क दिये बिना, अंक सुधार हेतु एक या एक से अधिक, कितने भी विषयो में परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जायेगा. उनका परीक्षाफल वर्ष 2021 का ही माना जायेगा. 

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