UP परिवहन निगम का फैसला: साल में 5 बार कटा चालान, तो बस! फिर नहीं चला पाएंगे 'बस'

यह निर्णय भी लिया गया है कि बसों के परमिट में जो निर्धारित क्षमता हो, उससे ज्यादा सवारी बस में न बैठी हों. इसके अलावा, अनाधिकृत रूप से संचालित बसों का एंट्री और एग्जिट दोनों पर चेकिंग की जाए.

UP परिवहन निगम का फैसला: साल में 5 बार कटा चालान, तो बस! फिर नहीं चला पाएंगे 'बस'

कानपुर: उत्तर प्रदेश में बसों से होने वाले सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए यूपी परिवन निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत जिन बसों का एक साल में 5 बार से ज्यादा चालान कटा हो, उनका परमिट कैंसिल कर दिया जाएगा. इसके अलावा, नियमों के विरुद्ध जाकर वाहन चलाने वाले ड्राइवर्स का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा. साथ ही, पुलिस थानों में इन बंद वाहनों को नीलाम कर दिया जाएगा.

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गौरतलब है कि शनिवार को राज्य सड़क परिवहन निगम के हेडक्वॉर्टर में प्रमुख सचिव परिवहन विभाग ने सभी अधिकारियों से वीडियो कॉल के जरिए मीटिंग की. इस दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई और हादसों को रोकने के लिए नए आइडिया निकाले गए. मीटिंग में कई निर्णय भी लिए गए. इसी बैठक में निर्देश जारी किया गया कि ऑल इंडिया और यूपी परमिट वाली जिन बसों का एक वर्ष में 5 बार से ज्यादा चालान कटा है, उनका परमिट निरस्त कर दिया जाए. 

फिटनेस से पहले HSRP जरूरी
यह निर्देश भी जारी किया गया कि गाड़ियों की फिटनेस करने से पहले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट होनी जरूरी होगी. अगर नंबर प्लेट नहीं है तो उसकी बुकिंग रसीद हो, तभी फिटनेस की जाएगी. वही, NHAI के परियोजना निदेशक को भी कहा गया है कि टोल प्लाजा से ओवर लोडेड वाहन आते दिखाई दें, तो हर रोज इसकी सूचना परिवहन कार्यालय को दी जाए. इसके लिए हर 40 किलोमीटर के स्ट्रेच पर पेट्रोल व्हीकल, एंबुलेंस और रिकवरी यान रहनी चाहिए.

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वाहन में सीटों से ज्यादा न हों सवारियां
यह निर्णय भी लिया गया है कि बसों के परमिट में जो निर्धारित क्षमता हो, उससे ज्यादा सवारी बस में न बैठी हों. इसके अलावा, अनाधिकृत रूप से संचालित बसों का एंट्री और एग्जिट दोनों पर चेकिंग की जाए.

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