गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र, सरकार को स्थायी राजधानी के मुद्दे पर घेरेगे विपक्ष
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गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र, सरकार को स्थायी राजधानी के मुद्दे पर घेरेगे विपक्ष

त्रिवेंद्र सरकार खुद को विपक्ष के हर सवाल के लिए तैयार बता रही है. संसदीय मंत्री का कार्यभार संभाल रहे मदन कौशिक ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है.

गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र, सरकार को स्थायी राजधानी के मुद्दे पर घेरेगे विपक्ष

पुष्कर चौधरी/चमोली: 3 मार्च से गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में त्रिवेंद्र सरकार के बजट सत्र की शुरुआत हो रही है. 7 मार्च तक चलने वाले सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष भी पूरी तरह तैयार है. वहीं भराड़ीसैंण में तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है. सोमवार को स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानभवन का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया.

4 मार्च को बजट पेश करेगी सरकार
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक ली. जिसमें नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, संसदीय कार्यमंत्री का कार्यभार संभाल रहे मदन कौशिक मौजूद रहे. बैठक के बाद मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी. 4 मार्च को सरकार की ओर से सदन में बजट पेश किया जाएगा. जबकि 5 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी.

फिर उठी गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग
विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी, सस्ती शराब समेत कई मुद्दों को लेकर सदन में सवाल उठाने की रणनीति बनाई है. विधानसभा के बजट सत्र की समय अवधि को लेकर भी कांग्रेस ने विरोध जताया है. साथ ही कांग्रेस ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग दोहराई है.

कांग्रेस के सीनियर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल और विधायक मनोज रावत ने राजधानी के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया. त्रिवेंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कांग्रेस विधायकों ने कहा कि अगर बजट सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी. बता दें कि मनोज रावत स्थानीय मुद्दों को लेकर साइकिल यात्रा से केदारनाथ विधानसभा से गैरसैंण पहुंच रहे हैं.

वहीं त्रिवेंद्र सरकार खुद को विपक्ष के हर सवाल के लिए तैयार बता रही है. संसदीय कार्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे मदन कौशिक ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है. उनका कहना है कि सत्र का समय बढ़ाने पर भी कोई आपत्ति नहीं है.

विधानसभा सत्र को लेकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भराड़ीसैण पहुंचे चुके हैं. वहीं, विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों का भराड़ीसैंण पहुंचने का सिलसिला जारी है.

विधानसभा परिसद छावनी में तब्दील
दिवालीखाल से लेकर भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है. इस बार भवन के आसपास के जंगलों में भी पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है. सोमवार को सत्र की तैयारियों को लेकर गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन, DIG गढ़वाल परिक्षेत्र अजय रौतेला व डीएम चमोली स्वाति एस भदौरिया ने पुलिस, विधानसभा सत्र की ड्यूटी में तैनात अधिकारियों के साथ सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए.

पुलिस अधीक्षक यशवंत चौहान ने बताया कि विधानसभा परिसर की सुरक्षा के लिए हमने पूरे गैरसैंण क्षेत्र को 4 जोन और 7 सेक्टरों में बांटा है. हर जोन में एक-एक एडिशनल एसपी को इंचार्ज बनाया गया है. जबकि हर सेक्टर में डिप्टी एसपी को इंचार्ज बनाया है. एक कंपनी पुरुष पीएसी और एक कंपनी महिला पीएसी की भी मंगवाई गई है. इसके साथ एटीएस, बम स्कॉयड टीम को लगाया गया है.

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