बरेली: 'ट्रिपल तलाक' की जंग लड़ते-लड़ते रजिया की हुई मौत...

रजिया की शादी 13 साल पहले 2005 में पड़ोस के मोहल्ले कटघर के नईम से हुई थी. नईम शादी के कुछ दिनों बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था.

बरेली: 'ट्रिपल तलाक' की जंग लड़ते-लड़ते रजिया की हुई मौत...
फोन पर दिया गया था ट्रिपल तलाक. (प्रतीकात्मक फोटो)

सुबोध मिश्रा, बरेली: तीन तलाक की जंग लड़ते-लड़ते रजिया की इलाज के दौरान मौत हो गई. रजिया के पति और उसके परिजनों पर उसे यातनाएं देने और बंद कमरे में भूखे-प्यासे रखने का आरोप है. रजिया को उसके पति ने फोन पर तलाक देने के बाद एक महीने तक घर में कैद कर के भूखा-प्यासा रखा था. इस दौरान उसे कमरे में बंद कर दिया गया था. उसके साथ मारपीट की जाती थी. जिसके बाद उसके मायके वालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. रजिया तो चल बसी, लेकिन उसका एक 6 साल का बेटा है, जो अनाथ हो गया. 

रजिया की शादी 13 साल पहले 2005 में पड़ोस के मोहल्ले कटघर के नईम से हुई थी. नईम शादी के कुछ दिनों बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा. उसने जुल्म की इंतहा कर डाली. रजिया को आए दिन मारना पीटना, भूखा रखना. इन सबके बावजूद रजिया सब कुछ सहकर भी अपने ससुराल में ही रही. करीब डेढ़ महीने पहले रजिया के पति ने दिल्ली से उसे फोन पर ट्रिपल तलाक दे दिया. चंद सेकेंड के भीतर 13 साल की शादी टूट गई.

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दिल्ली से लौटने के बाद जब उसने रजिया को अपने घर पर देखा तो वो आग बबूला हो गया. उसने कहा कि तलाक देने के बाद भी तुम अपने मायके नहीं गई. जिसके बाद उसने उसे एक कमरे में कैद करके भूखा रखा. जब इसकी भनक रजिया के मायके वालों को लगी तो उन्होंने उसे पति की कैद से मुक्त करवाया. तब तक देर हो चुकी थी और रजिया हड्डियों का ढांचा बन चुकी थी. उसके शरीर पर मांस तो रह नहीं गया था. वो बिल्कुल सूख गई थी. 

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अस्पताल में जब उसे भर्ती किया गया तो उसकी हालत ऐसी थी कि वो बोल तक नहीं पा रही थी. रजिया का जिला अस्पताल में कई दिनों तक इलाज चला. जब उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई तो उसे लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. रजिया की बहन का कहना है कि वो इंसाफ चाहती है. उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की. रजिया की ही तरह न जाने कितनी महिलाएं 3 तलाक की जंग लड़ते-लड़ते इस दुनिया से चल बसी, लेकिन कभी सरकार ने ध्यान नहीं दिया.