त्रिवेंद्र सरकार ने कोरोना काल में दोगुना किया बसों का किराया, ये है वजह

सरकार ने उत्तराखण्ड ऑन डिमांड परिवहन सुविधा के लिए नियमावली बनाई है. अब ओला टैक्सी की तरह मोबाईल एप से टैक्सी बुक की जा सकेगी.

त्रिवेंद्र सरकार ने कोरोना काल में दोगुना किया बसों का किराया, ये है वजह
फाइल फोटो

देहरादून: त्रिवेंद्र कैबिनेट की अहम बैठक में फैसला लिया गया है कि कोरोना काल में बसों में सफर करने वाले यात्रियों से डबल किराया वसूला जाएगा. कोरोना की वजह से लागू सोशल डिस्टेंसिंग के नियम को देखते हुए परिवहन निगम को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए किराए में बढ़ोत्तरी का फैसला लिया गया है. हालांकि, राहत की बात ये है कि व्यवस्था कोविड-19 के दौर में ही रहेगी. साथ ही सरकार ने उत्तराखंड ऑन डिमांड परिवहन सुविधा के लिए नियमावली बनाई है. अब ओला टैक्सी की तरह मोबाइल एप से टैक्सी बुक की जा सकेगी.

त्रिवेंद्र सरकार में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में 18 विषयों पर चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 20 हजार से अधिक नागरिकों को प्रथम चरण में सहकारिता विभाग के माध्यम से मोटरसाईकिल टैक्सी योजना में 60 हजार रूपये तक के लोन की ब्याज दर 2 वर्ष तक राज्य सरकार देगी. इस योजना के तहत प्रथम चरण में सहकारिता विभाग के माध्यम से डेरी, ठेली, फेली, व्यवसाय दुकानदारों के लिए 50 हजार नागरिकों को लोन की 02 प्रतिशत की ब्याज दर बिना गारंटी के राज्य सरकार वहन करेगी.

कांवड़ यात्रा को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से बात करने के बाद कांवड़ यात्रा पर फैसला लिया जाएगा. मदन कौशिक ने बताया कि आपदा प्रबंधन के मसले पर भी कई फैसले लिए गए हैं. वहीं, कुंभ 2021 में श्रद्वालुओं और संतों की व्यवस्था के लिए शौचालय इत्यादि के लिए धन प्रबंधन के लिए निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया है.

उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत गाइडलाइन को सरल किया गया है. इसके अंतर्गत अब छोटे पुल पेयजल लाईन, चैक डेम, स्कूल भवन, सिंचाई नहर सुरक्षात्मक कार्य भी किया जा सकेगा. राज्य सरकारी एवं सार्वजनिक चीनी मिल के लिए एक एथनौल प्लांट बाजपुर में पी.पी.पी. मोड पर लगाया जाएगा. सहकारिता नियमावली में संशोधन के तहत अब समिति को एक निश्चित धनराशि की जगह लाभ के आधार पर ट्रेनिंग इत्यादि दी जाएगी. केंद्रीय विद्यालय भीमताल के लिए 0.25 हेक्टेयर की जमीन निशुल्क दी जाएगी.

साथ ही अल्मोड़ा कुंम्ट्रान लिमिटेड के 1999 बंद हो जाने के बाद 11 कर्मचारियों को पुर्ननियोजित हेतु 6 कर्मचारी आपूर्ति विभाग में लगाये गए थे, जिनमें शेष 5 को भी 2004 तक अवेतनिक मानते हुए सेवाकाल की गणना का लाभ दिया जाएगा. उत्तराखंड मोबाइल टॉवर नियमावली के लिए नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित 500 रूपये किराये की जगह शहरी क्षेत्रों में 100 रूपये एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 50 रूपये निर्धारित किया गया. साथ ही जी.एस.टी भारत सरकार के संशोधन को राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया गया है. खाद्य विभाग में उपविपणन अधिकारी के लिए सेवा नियमावली बनाई गई है. राज्य कोषी उत्तरदायित्व बजट प्रबंधन के लिए जीडीपी 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने की छूट दी गई है. नर्स भर्ती नियमावली को मंजूरी दे दी गई है.