त्रिवेंद्र सरकार ने भी अपनाया योगी का घर-वापसी मॉडल, तैयार किया नया प्लान

प्रवासियों की घर वापसी के काम में रेलगाड़ियों का इस्तेमाल होने से तेज़ी आएगी. इसके लिए सरकार रेलवे अधिकारियों से बात कर रही है और शासन स्तर पर इसकी योजना तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं.सरकार की पहल पर अब तक 1 लाख 75 हज़ार से ज़्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. रजिस्ट्रेशन कराने वाले ज़्यादातर लोग केरल, महाराष्ट्र और गुजरात में फंसे हुए हैं.

त्रिवेंद्र सरकार ने भी अपनाया योगी का घर-वापसी मॉडल, तैयार किया नया प्लान
फाइल फोटो

देहरादून: उत्तराखंड सरकार लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंस गए अपने नागरिकों को वापस लाने के काम में तेज़ी ला रही है. त्रिवेंद्र सरकार ने अपने नागरिकों की घर वापसी के लिए अब भारतीय रेल की सेवा लेने की योजना बनाई है. उत्तराखंड में वापसी के लिए अब तक  1 लाख 75 हज़ार से ज़्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. 

रेलगाड़ियों के इस्तेमाल से घर-वापसी मिशन में तेज़ी 
प्रवासी उत्तराखंडियों की घर वापसी के काम में रेलगाड़ियों का इस्तेमाल होने से तेज़ी आएगी. इसके लिए सरकार रेलवे अधिकारियों से बात कर रही है और शासन स्तर पर इसकी योजना तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं.

कई राज्यों से उत्तराखंड लौटना चाहते हैं लोग
उत्तराखंड में प्रवासियों की संख्या अच्छी-खासी है. अब महामारी के दौर में सभी घर वापसी करना चाहते हैं. सरकार की पहल पर अब तक 1 लाख 75 हज़ार से ज़्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. रजिस्ट्रेशन कराने वाले ज़्यादातर लोग केरल, महाराष्ट्र और गुजरात में फंसे हुए हैं.

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यूपी सरकार प्रवासी मजदूरों के इंतजाम में जुटी 
उत्तराखंड के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में लगातार प्रवासी मजदूरों को घर वापस लौटाया जा रहा है. लाखों मजदूर न केवल राज्य में लौट चुके हैं बल्कि अब सरकार उनके लिए रोज़गार के अवसर मुहैया कराने में जुटी हुई है. इसके अलावा जो मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं उनके लिए राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी दी गई है, ताकि उन्हें राशन मिलता रहे.