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सावन-भादों मेले में दो हजार रुपए के नकली नोट के साथ दो भाई गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस ने रामलीला मैदान में चल रहे सावन-भादों मेले में दो हजार रुपए के नकली नोट चलाने की कोशिश करने वाले दो भाईयों को गिरफ्तार किया है. इनका तीसरा साथी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला. अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्रवण कुमार सिंह ने बताया, ‘‘थाना गोविंद नगर क्षेत्र के भार्गव गली के निवासी सईद के बेटों शाकिर व जाहिद को सावन-भादों मेले में दो हजार रुपये के नकली नोट चलाते हुए बुधवार को पकड़ा गया.’’ 

सावन-भादों मेले में दो हजार रुपए के नकली नोट के साथ दो भाई गिरफ्तार
दोनों की तलाशी करने पर दो हजार रुपए के 24 नोट बरामद हुए. (प्रतीकात्मक फोटो)

मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस ने रामलीला मैदान में चल रहे सावन-भादों मेले में दो हजार रुपए के नकली नोट चलाने की कोशिश करने वाले दो भाईयों को गिरफ्तार किया है. इनका तीसरा साथी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला. अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) श्रवण कुमार सिंह ने बताया, ‘‘थाना गोविंद नगर क्षेत्र के भार्गव गली के निवासी सईद के बेटों शाकिर व जाहिद को सावन-भादों मेले में दो हजार रुपये के नकली नोट चलाते हुए बुधवार को पकड़ा गया.’’ 

दोनों के पास से दो हजार रुपए के 24 नोट बरामद हुए

सीओ सिटी राकेश वशिष्ठ ने बताया, ‘‘इन दोनों ने मेले में लगे झूले में घूमने के लिए दो हजार रुपए का नोट दिया था, जिसके संदिग्ध होने की आशंका पर झूला संचालक ने पुलिस को सूचना दी. दोनों की तलाशी करने पर दो हजार रुपए के 24 नोट बरामद हुए.’’ सर्किल अफसर के अनुसार पकड़े गए भाईयों ने बताया कि उन्हें ये नोट थाना कोसीकलां के नकासा मोहल्ला के निवासी आस मोहम्मद ने दिए थे. पुलिस के मुताबिक चूंकि आस मोहम्मद का ससुराल कोलकाता में है इसलिए नोटों का संबंध वहां से होने की आशंका है.

बरामद किए गए नकली नोट हूबहू असली जैसे

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगैन ने कहा, ‘‘बरामद किए गए नकली नोट हूबहू असली जैसे ही हैं. बहुत गहनता से देखने पर ही असली और नकली में मामूली अंतर समझ आता है. ये नोट कंप्यूटर से इतनी होशियारी से स्कैन किए गए हैं कि रात के अंधेरे में इन्हें पहचान पाना बेहद मुश्किल है.’’ उन्होंने बताया कि नोटों को लाने वाले आस मोहम्मद तथा अन्य स्रोतों की जानकारी पाने के लिए पुलिस कोलकाता तक पूरी कोशिश करेगी, क्योंकि हो सकता है कि ये नोट कोलकाता में बांग्लादेश के रास्ते भारतीय अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के मकसद से भेजे गए हों और ऐसे कई एजेंट मथुरा तथा अन्य जनपदों में कार्यरत हों.