UP: बिजली विभाग के दो अफसरों ने किसानों को लगाई 66 लाख की चपत, FIR दर्ज

 दोनों अफसरों के खिलाफ अधीशासी अभीयंता की तहरीर पर कोतवाली गढ़मुक्तेश्वर में आईपीसी की धारा 409 अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर दिया गया है. वहीं इस घोटाले की चपेट में अन्य अधिकारी भी आ सकते हैं. 

 UP: बिजली विभाग के दो अफसरों ने किसानों को लगाई 66 लाख की चपत, FIR दर्ज
गढ़मुक्तेश्वर विद्युत वितरण उपखंड

मोहम्मद ताहिर/हापुड़: हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में विद्युत वितरण उपखंड द्वितीय में तैनात दो अफसरों द्वारा 66 लाख रुपये का घोटाला करने का मामला सामने आया है. दोनों अफसरों के खिलाफ अधीशासी अभीयंता की तहरीर पर कोतवाली गढ़मुक्तेश्वर में आईपीसी की धारा 409 अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर दिया गया है. वहीं इस घोटाले की चपेट में अन्य अधिकारी भी आ सकते हैं. बिजली विभाग के इन घोटालेबाज अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद विभाग में हड़कम्प मच गया है. 

बता दें कि जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में विद्युत वितरण उपखंड द्वितीय में तैनात अधीशासी अभीयंता के.पी.पूरी का कहना है कि क्षेत्र के किसानों की शिकायत थी कि उन्होनें अपने बिजली बिल 2018 में ही जमा करा दिये थे, लेकिन इसके बाद भी बिजली विभाग उन्हे कई-कई हजार के बकाया बिल भेज रहा है. दर्जनों किसानों की शिकायत पर जब अधिकारियों द्वारा मामले की शुरुआती जांच की गई तो विभाग में हड़कम्प मच गया.

विभाग में कैशियर के पद पर तैनात दो कर्मचारी प्रवीन कुमार शर्मा व संजीव कुमार शर्मा ने किसानों के साथ लगभग 66 लाख रुपये का घोटाला किया है वहीं प्रवीन कुमार शर्मा द्वारा 41 लाख 10 हजार व संजीव कुमार शर्मा द्वारा 25 लाख 82 हजार का घोटाला सामने आया है. इस पर अधिकारी का कहना है कि ये तो शुरुआती जांच में 66 लाख का घोटाला सामने आया है अभी आगे भी जांच चल रही है, ये घोटाला और भी बड़ा करोड़ों मे भी हो सकता है. 

बिजली विभाग के आरोपी दोनों अफसरों ने बड़ी ही चालाकी से इस घोटाले को अंजाम दिया बताया जा रहा है. ये दोनों अफसर विभाग में टीजी 2 के पद पर तैनात थे. विभाग में सैटिंग बैठा कर दोनों अफसरों ने कैशयर पद की कुर्सी संभाल ली और घोटाले को अंजाम दिया.

गौरतलब है कि, ये अफसर किसानों के ट्यूबवेल व घरों के बिजली बिल ऑफलाइन जमा कर दिया करते थे और किसानों को बिल की जमा राशि की सिलिप देकर विभाग में पैसा जमा नही करते थे. हांलकि इस खेल में और भी कई अधिकारी शामिल होने की आशंका है. फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है.