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प्रयागराज: PAYTM से घूस लेते थे RPF के दो जवान, किया गया बर्खास्त

जांच में घूस लेने की पुष्टि होने के बाद एनसीआर के प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त (पीसीएससी) ने दोनों आरपीएफ के जवानों को बर्खास्त कर दिया. 

प्रयागराज: PAYTM से घूस लेते थे RPF के दो जवान, किया गया बर्खास्त
नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस का है.

प्रयागराज: बीएसएफ के जवान को चेन पुलिंग करने पर कारवाई का डर दिखाकर आरपीएफ के जवानों द्वारा पेटीएम के जरिए घूस लेने का सनसनीखेज मामला सामनें आया है. पूरा मामला नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस है, जिसमें बीएसएफ के जवान से अवैध वसूली करने के आरोप में एनसीआर प्रशासन ने दो आरपीएफ के जवानों पर कड़ी कार्रवाई की है.

जांच में पाया गया दोषी
दोनों आरोपी आरपीएफ जवानों के खिलाफ हुई जांच में पता चला कि रिश्वत नकद और पेटीएम के जरिए ली गई है. जांच में घूस लेने की पुष्टि होने के बाद एनसीआर के प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त (पीसीएससी) ने दोनों आरपीएफ के जवानों को बर्खास्त कर दिया. बर्खास्तगी के बाद अब इन्हें रेलवे से मिलने वाले भत्ते एवं अन्य धनराशि भी नहीं मिलेगी. 

राजधानी एक्सप्रेस का है मामला
आपको बता दें कि 12 जुलाई को नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस में एनसीआर इलाहाबाद मंडल के कानपुर अनवरगंज के हेड कांस्टेबल आशीष चौहान एवं रामनयन यादव की एस्कार्ट में ड्यूटी थी. ट्रेन नई दिल्ली से चली तो उसमें एक बीएसएफ जवान की पत्नी के ट्रेन पर नहीं पाने के कारण बीएसएफ जवान ने चेन पुलिंग कर दी, जिसके बाद आरपीएफ के दोंनो जवानों ने पहले बीएसएफ जवान को कार्रवाई का भय दिखाया. कार्रवाई न करने की एवज में दोनों जवानों ने बीएसएफ जवान से कुछ रुपये घूस के तौर पर मांग की.

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कैश नहीं होने की वजह से किया था PAYTM
मौके पर बीएसएफ जवान ने आरपीएफ कांस्टेबल को कुछ रुपये नकद दिए. बाकी कैश न होने के कारण कुछ रुपये पेटीएम के माध्यम से दिए. इसके बाद बीएसएफ जवान ने यह सारा मामला अपने वरिष्ठ अफसरों तक पहुंचा दिया, जिसके बाद पूरा मामला रेलवे बोर्ड के डीजी आरपीएफ तक पहुंच गया. उन्होंने तत्काल एनसीआर के पीसीएससी को जांच करने को कहा. 

नहीं मिलेगा रेलवे से मिलने वाला भत्ता
जांच शुरू हुई तो आरोपी जवान के बैंक खाते का विवरण लिया गया. इसमें पेटीएम के द्वारा कुछ रुपये लेने की पुष्टि हुई. पुष्टि होने के बाद दोनों जवानों को रेलवे के नियमानुसार उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. बर्खास्तगी के बाद जवानों को रेलवे से मिलने वाले भत्ते एवं धनराशि नहीं मिलेगी. 

जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत हुई कार्रवाई
इलाहाबाद मण्डल के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया की बैंक खाते में पेटीएम से आई धनराशि से ही दोनों जवानों द्वारा अवैध वसूली किए जाने की पुष्टि हुई. उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है. भ्रष्टाचार एवं यात्रियों से दुर्व्यवहार किए जाने की घटनाओं पर आरपीएफ में जीरो टॉलरेंस की नीति है.