राम मंदिर के लिए गृह मंत्रालय ने बनाया अलग डेस्क, सभी मामलों की करेगा देखरेख

देश की सर्वोच्च अदालत ने सालों से लंबित अयोध्या विवाद का समाधान करते हुए विगत 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. 

राम मंदिर के लिए गृह मंत्रालय ने बनाया अलग डेस्क, सभी मामलों की करेगा देखरेख

नई दिल्ली: अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के करीब दो महीने बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राम मंदिर निर्माण मामले से संबंधित सभी विषयों को देखने के लिए एक अलग डेस्क बनाई है. इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे. गृह मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से जुड़े कामकाज को तीन अधिकारी देखेंगे. इस टीम का नेतृत्व अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार करेंगे.

ज्ञानेश कुमार होंगे अध्यक्ष
गौरतलब है कि विगत 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए में अयोध्या में विवादित जमीन पर मंदिर निर्माण की इजाजत दी थी. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने के भीतर ट्रस्ट बनाने और मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही किसी अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर 5 एकड़ जमीन देने के लिए कहा था. अब ज्ञानेश कुमार की अगुआई वाली गृह मंत्रालय की नई डेस्क अयोध्या मामले से जुड़े सभी मामलों को देखेगी.

यह था ऐतिहासिक फैसला
देश की सर्वोच्च अदालत ने सालों से लंबित अयोध्या विवाद का समाधान करते हुए विगत 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में अयोध्या में 2.77 एकड़ की विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया था. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को मामले के वादी सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही किसी दूसरे महत्वपूर्ण स्थान पर 5 एकड़ वैकल्पिक भूमि दिए जाने का आदेश दिया था.