बुजुर्ग पिता का दिल रखने के लिए बेटे ने की पुतले से शादी, निभाई गईं सभी रस्में

पुरोहितों से राय ली गई तो उन्होंने लकड़ी के पुतले से पंचराज की शादी की तरकीब निकाली. उनका कहना था कि इससे पंचराज विवाहित कहलाएगा. इस शादी को करने से पहले तो पंचराज ने मना किया लेकिन बूढ़े पिता का मान रखने के लिए बाद में वे मान गए. 

बुजुर्ग पिता का दिल रखने के लिए बेटे ने की पुतले से शादी, निभाई गईं सभी रस्में
लकड़ी के पुतले से हुई शादी

प्रयागराज: आज के युग में जहां बच्चे बुजुर्ग माता-पिता का ख्याल रखने से कतरा रहे हैं, वहीं एक युवक ने अपने बूढ़े पिता का मन रखने के लिए अजीबोगरीब शादी कर ली. प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र में पिता की इच्छा का मान रखने के लिए एक शख्स ने लकड़ी के पुतले के साथ शादी की. शादी के दौरान सारी रस्में निभाई गईं और लोगों को दावत भी खिलाई गई.

शादी के लिए ढूंढने पर भी नहीं मिली दुल्हन
प्रयागराज में घूरपुर थाना क्षेत्र के मनकवार गांव में रहने वाले 90 वर्षीय बुजुर्ग शिव मोहन के 9 बेटे हैं. इनमें से 8 बेटों की तो शादी हो चुकी है, लेकिन सबसे छोटे बेटे पंचराज की शादी नहीं हो पाई थी. लंबी उम्र पार कर चुके पंचराज के पिता शिव मोहन की इच्छा थी कि उसके जीते जी सबसे छोटे बेटे की भी शादी हो जाए. इसके लिए परिवार सहित रिश्तेदारों ने भी पंचराज की शादी के लिए प्रयास किया लेकिन दुल्हन नहीं मिल पाई. 

पुरोहित ने निकाली अनोखी तरकीब 
जब इस मामले में पुरोहितों से राय ली गई तो उन्होंने लकड़ी के पुतले से पंचराज की शादी की तरकीब निकाली. उनका कहना था कि इससे पंचराज विवाहित कहलाएगा. इस शादी को करने से पहले तो पंचराज ने मना किया लेकिन बूढ़े पिता का मान रखने के लिए बाद में वे मान गए. पिता ने पुरोहितों से शादी का मुहूर्त निकलवाया तो पूरे रस्मो रिवाज के साथ शादी हुई. 

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शादी की सारी रस्में हुईं अदा 
शादी के दौरान सुबह से ही शादी की सभी रस्में शुरू की गईं और शाम तक पंचराज की शादी पुतले के साथ शादी हो गई. इस मौके पर लॉक डाउन का पालन करते हुए बाराती भी पहुंचे और दुल्हन की विदाई भी हुई. बारातियों को बकायदा दावत भी दी गई.  

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