भूमाफिया ने बेच दी थी 20 करोड़ की सरकारी जमीन, अब अवैध निर्माण पर गरजा योगी सरकार का बुलडोजर

कार्रवाई की जद में आए मकान मालिकों ने निर्माण को बचाने के लिए अपने स्तर से जोर आजमाइश की, मगर राहत नहीं मिली.

भूमाफिया ने बेच दी थी 20 करोड़ की सरकारी जमीन, अब अवैध निर्माण पर गरजा योगी सरकार का बुलडोजर
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मौजूद प्रशासनिक अधिकारी.

उन्नाव: सोमवार को जिला प्रशासन ने करीब 20 करोड़ के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाकर सिंचाई विभाग की जमीन को खाली कराया है. लखनऊ-कानपुर हाईवे पर सिंचाई विभाग की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करके भू माफिया ने प्लाटिंग करवा ली और उसकी बिक्री भी कर दी. इस बात की शिकायत पर सीएम कार्यलय से जांच हुई, तो घालमेल निकलकर सामने आया. जिसके बाद सोमवार सुबह जमीन पर खड़ी इमारतों और दुकानों को ध्वस्त किया गया. जिला प्रशासन के अधिकरियों की मौजूदगी में 8 घंटे तक कारवाई की गई. 

सीएम कार्यलय से जारी हुआ निर्देश 
दरअसल, 23 जून 2020 को जिला पंचायत सदस्य अरुण सिंह ने लखनऊ-कानपुर हाईवे मार्ग पर पड़ने वाले सोहरामऊ थाना क्षेत्र में सिंचाई विभाग की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने की शिकायत की थी. तब से स्थानीय प्रशासन सहित न्यायलय में मामला लंबित चल रहा था. सोमवार को सीएम कार्यलय के निर्देश पर अचानक मामले ने तेजी पकड़ ली. जिले के आईएएस सीडीओ दिव्यांशु पटेल, एडीएम राकेश कुमार सिंह, एएसपी शशिशेखर सिंह कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ अवैध निर्माण वाली जगह पर पहुंचे. इसके बाद तय कार्रवाई के तहत निर्माण ढहाना शुरू कर दिया.

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इलाके में मचा हड़कंप  
कार्रवाई की जद में आए मकान मालिकों ने निर्माण को बचाने के लिए अपने स्तर से जोर आजमाइश की, मगर राहत नहीं मिली. जिसके बाद लोगों ने अपना सामान खुद से हटाना शुरू कर दिया. सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने 8 जेसीबी मशीन व दो पोकलैंड मशीन की मदद से निर्माण को जमींदोज करना शुरू कर दिया. कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. 

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लोगों को पहले भी दी गई थी नोटिस
वहीं, उन्नाव के डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की इस जमीन पर कई वर्षों से अवैध कब्जा था. पहले भी कई नोटिस दी गईं. एफआईआर भी दर्ज कराई गई. जिसके बाद कुछ लोगों ने कब्जा हटा लिया, लेकिन कुछ लोगों ने कब्जा बनाए रखा. सिंचाई विभाग द्वारा उन्हें अंतिम नोटिस देते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया था. जिसके बाद आज पूरे दलबल के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में अतिक्रमण हटवाया गया है. डीएम ने बताया कि अभी तक के आकलन के मुताबिक, यह जमीन बाजार दर से 20 करोड़ की थी, जिसे कब्जा मुक्त कराया गया. इस मामले में विधिक कारवाई की जा रही है. 

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