उन्‍नाव गैंगरेप मामला : इलाहाबाद हाईकोर्ट में सीबीआई आज पेश करेगी स्‍टेटस रिपोर्ट

उन्‍नाव के बांगरमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर है युवती से गैंगरेप का आरोप.

उन्‍नाव गैंगरेप मामला : इलाहाबाद हाईकोर्ट में सीबीआई आज पेश करेगी स्‍टेटस रिपोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज होनी है मामले की सुनवाई. (फाइल फोटो)

लखनऊ : उन्‍नाव गैंगरेप मामले की जांच कर रही सीबीआई आज यानी शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्‍टेटस रिपोर्ट पेश करेगी. उन्‍नाव के बांगरमऊ से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उन्‍नाव के ही माखी गांव की एक युवती ने गैंगरेप और मारपीट का आरोप लगाया है. इस मामले में मौजूदा समय बीजेपी विधायक सीतापुर की जेल में बंद हैं. उन्‍हें सीबीआई ने पिछले दिनों रिमांड पर लिया था. वहीं सीबीआई इस मामले में 21 मई को भी हाईकोर्ट में मामले की स्‍टेटस रिपोर्ट पेश कर चुकी है. उन्‍नाव गैंगरेप मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले की अध्यक्षता वाली खंडपीठ कर रही है.

हाईकोर्ट का रुख सख्‍त
रेप पीड़िता के पिता की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख बेहद सख्त नजर आ रहा है. मामले में दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में पहले भी सुनवाई हुई. उसमें सीबीआई ने जांच की तीसरी प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की थी. राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि उन्नाव में पॉक्सो एक्ट के तहत चल रहे मुकदमे को सीबीआई अदालत में ट्रांसफर करने के लिए राज्य सरकार ने पत्र जारी कर दिया है. सुनवाई के दौरान आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की.

कोर्ट ने हस्‍तक्षेप से किया था इनकार
कुलदीप सेंगर को भी अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखने का मौका दिए जाने की मांग की थी. उनके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि कुलदीप सिंह सेंगर गैंगरेप पीड़ता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत में शामिल नहीं थे. लेकिन कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया. वहीं गैंगरेप केस में आरोपी शुभम की आयु का निर्धारण करने की भी वकील ने मांग की. उन्होंने कोर्ट को बताया कि सीबीआई उसके आयु प्रमाण पत्रों पर कोई फैसला नहीं कर रही है. लेकिन कोर्ट ने इस मामले में भी सीबीआई के समक्ष पक्ष रखने का निर्देश देते हुए कहा है कि कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है.

पुलिस की भी भूमिका की जांच कर रही है सीबीआई
सीबीआई इस समय इस मामले में घटना के समय उन्नाव में तैनात एसपी, सीओ व माखी थाने में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है. इन लोगों के बयान सीबीआई दर्ज कर चुकी है, लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर पूछताछ हो सकती है. उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के पिता की हत्या की जांच कर रही सीबीआई ने 19 जून को विधायक के भाई की एक और गाड़ी बरामद कर सनसनी फैला दी थी. 19 जून को शाम करीब सवा पांच बजे सीबीआई की चार सदस्यीय टीम माखी पहुंची थी. उन्नाव में किशोरी से रेप और उसके पिता की मौत की जांच कर रही सीबीआई ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के घर खड़ी उसके छोटे भाई की फॉर्चूनर गाड़ी को सीज करने की कार्रवाई की. बरामद गाड़ी किशोरी के पिता के हत्यारोपी बीजेपी विधायक के भाई जयदीप सिंह के नाम पर दर्ज है.

हाईकोर्ट पहुंचा था पीड़ित परिवार
रेप पीड़िता अपने परिवार के साथ एक मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंची थी. उन्नाव गैंगरेप कांड के कई आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिवार इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाने पहुंचा था. पीड़ित परिवार का कहना था कि पीड़िता के पिता की हत्या के बाद पुलिस को दी गई तहरीर में कई आरोपी ऐसे हैं जिनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है. उनका कहना है कि पुलिस ने तहरीर भी मनमाने ढंग से लिखी है और पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में आरोपी पुलिस अधिकारियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की.

बीजेपी विधायक पर गैंगरेप-हत्या का आरोप
बता दें कि उन्नाव गैंगरेप मामले में गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने गैंगरेप था. उसने बीजेपी विधायक से गैंगरेप का विरोध किया, तो उसने परिवार वालों को मारने की धमकी दी. जब वो थाने में गई तो एफआईआर नहीं लिखी गई. इसके बाद तहरीर बदल दी गई. वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ गई, इसके बाद ये मामला सुर्खियों में आया. इसके बाद पीड़िता के पिता की विधायक के भाई तथा अन्य की कथिततौर पर मारपीट के बाद करीब एक सप्ताह के बाद न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी.

CBI ने तीन मामलों में दर्ज की FIR
इस मामले में पहली प्राथमिकी कथित बलात्कार के संबंध में है जिसमें सेंगर और एक महिला शशि सिंह आरोपी हैं. दूसरी प्राथमिकी हिंसा से और पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में मौत से संबंधित है. हिंसा मामले में चार स्थानीय लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, चूंकि पुलिस ने हत्या के आरोप बाद में जोड़े हैं, इसलिए ये सीबीआई की प्राथमिकी में दर्ज नहीं है. तीसरा मामला पीड़िता के पिता के खिलाफ उन आरोपों से जुड़ा है, जिसमें उन्हें शस्त्र कानून के तहत गिरफ्तार करके स्थानीय पुलिस ने जेल में बंद कर दिया था. वहां रहस्यमयी हालत में उनकी मौत हो गई थी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई है.