उन्नाव गैंगरेप मामला: हाईकोर्ट ने CBI की धीमी जांच प्रक्रिया पर जताई नाराजगी

उन्नाव गैंगरेप केस में CBI की टीम स्टेटस रिपोर्ट के साथ चीफ जस्टिस DB भोंसले और जस्टिस सुनीत कुमार के कोर्ट के सामने पेश हुए. कोर्ट ने CBI की धीमी जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि जब FIR नए सिरे से दर्ज की गई तो पीड़िता समेत अन्य लोगों के बयान फिर से दर्ज किए जाएं. 

उन्नाव गैंगरेप मामला: हाईकोर्ट ने CBI की धीमी जांच प्रक्रिया पर जताई नाराजगी
CBI ने भरोसा दिलाया की कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा. (फाइल फोटो)

इलाहाबाद: उन्नाव गैंगरेप केस में CBI की टीम स्टेटस रिपोर्ट के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस DB भोसले और जस्टिस सुनीत कुमार की बेंच के सामने पेश हुए. कोर्ट ने CBI की धीमी जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने सीबीआई से कहा कि जब FIR नए सिरे से दर्ज की गई तो पीड़िता समेत अन्य लोगों के बयान फिर से दर्ज किए जाएं. कोर्ट ने कहा कि इस मामले के जो आरोपी बाहर हैं, उनकी बेल पिटिशन खारिज करवाएं और कार्रवाई शुरू करें. पुलिस कस्टडी में पीड़िता के पिता की मौत के मामले में जो भी आरोपी हैं उनके खिलाफ जल्द से जल्द जांच पूरी की जाए.

CBI ने केस ट्रांसफर करने की मांग की
CBI ने कोर्ट से केस ट्रांसफर करने की मांग की. सीबीआई की मांग पर कोर्ट ने कहा कि संबंधित प्रशासनिक संस्थाओं को इसके लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. इस मामले में रेप पीड़िता की मां ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी. उन्होंने कहा कि पीड़िता के मृतक पिता के खिलाफ आर्म्स एक्ट में फर्जी FIR दर्ज कराने वाले पिंटू सिंह लापता है. उसके लापता होने की जांच की जाए. कोर्ट ने पिंटू सिंह के लापता होने पर नाराजगी जताई और कहा कि अगली सुनवाई में टिंकू सामने कोर्ट के सामने मौजूद होना चाहिए. पीड़िता की मां ने कहा इस पूरे मामले में जितने भी लोग शामिल हैं, सभी की जांच की जाए.

21 मई को अगली सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी. कोर्ट के निर्देशों पर CBI टीम को लीड कर रहे राघवेंद्र वत्स ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा. पीड़ित परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्रवाई पर संतोष जताया, लेकिन सरकार की तरफ से जो कार्रवाई की जा रही है उसपर असंतोष व्यक्त किया. पीड़ित नाबालिग के चाचा ने कहा की प्रदेश सरकार पर कोई भरोसा नहीं है. कोर्ट से ही न्याय मिलने की आस बची है. पीड़ित परिवार ने कहा कि CBI जांच से वे असंतुष्ट नहीं हैं, लेकिन कई अहम बिंदुओं पर CBI को जांच करनी चाहिए. पीड़ित परिवार का आरोप है कि विधायक के लोग अभी भी उन्हें धमका रहे हैं.