उन्‍नाव गैंगरेप केस : पीडि़त परिवार की बढ़ी सुरक्षा, जांच के बाद ही दिया जाएगा भोजन, खाद्य अधिकारी तैनात

परिवार की जान को खतरे को देखते हुए एहतियातन उठाया गया कदम. 24 घंटे तैनात रहेंगे खाद्य सुरक्षा अधिकारी.

उन्‍नाव गैंगरेप केस : पीडि़त परिवार की बढ़ी सुरक्षा, जांच के बाद ही दिया जाएगा भोजन, खाद्य अधिकारी तैनात
होटल में तैनात किए गए तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी.

उन्‍नाव : उन्‍नाव गैंगरेप मामले में पीडि़त परिवार की सुरक्षा को अब बढ़ा दिया गया है. बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाने वाली महिला के परिवार को अब जो भी भोजन परोसा जाएगा, उसकी जांच के लिए तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात किए गए हैं. तीनों अधिकारी पहलेे भोजन करके चेक करेंगे फिर उसे परिवार को दिया जाएगा. प्रशासन की ओर से यह कदम पीडि़त परिवार द्वारा बीजेपी विधायक और उनके समर्थकों से जान का खतरा जताए जाने के बाद उनकी सुरक्षा के लिए उठाया गया है. मुख्‍य चिकित्‍साधिकारी केके त्रिपाठी ने खुद ही उस होटल का भी निरीक्षण किया है जहां पीडि़ता का परिवार ठहरा हुआ है. बता दें बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का आरोप लगाने के बाद से ही पीडि़ता और उसका परिवार माखी गांव लौट नहीं पा रहा है. उनका कहना है पूरा गांव बीजेपी विधायक और उनके परिवार के प्रभाव में है. इसलिए उनकी जान को भी खतरा है.

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Unnao gangrape case : Security of victim's family increased, food will given after check
मुख्‍य चिकित्‍साधिकारी केके त्रिपाठी ने ज़ी यूपी/यूके को दी जानकारी. 

24 घंटे रहेंगे तैनात
मुख्‍य चिकित्‍साधिकारी केके त्रिपाठी ने ज़ी यूपी/यूके से खास बातचीत में बताया कि पीडि़ता के परिवार को अब कुछ भी खानपान देने से पहले तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा उसे चेक किया जाएगा. वो भोजन पहले खाद्य अधिकारी खुद खाकर देखेंगे. भोजन या चाय-नाश्‍ता सुरक्षित होने के बाद ही उसे पीडि़त परिवार को दिया जाएगा. उन्‍होंने बताया कि जिस होटल में पीडि़त का परिवार ठहरा है, वहां पर तीन खाद्य अधिकारी 24 घंटे तैैैैनात रहेंगे.

सरकार ने कहा- कोई सुबूत नहीं
उन्नाव गैंगरेप केस में योगी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा है. कोर्ट में यूपी सरकार ने कहा कि आरोपी विधायक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं है, जिसके कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं गया है. सरकार ने कोर्ट में कहा कि इस मामले की पुलिस जांच की गई है, लेकिन ऐसा कोई भी सुबूत नहीं मिला है जो विधायक के खिलाफ हो इसलिए उनकी गिरफ्तारी रोक दी गई. इससे पहले यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कोर्ट में कहा कि आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप अब सीबीआई ही तय कर सकती है. सीबीआई द्वारा विधायक के खिलाफ आरोप तय करने के बाद ही विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी हो सकती है. सरकार के जवाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए फैसला कल (शुक्रवार) तक के लिए सुरक्षित रख लिया है.