उन्नाव रेप केस: CM योगी से मिलने की मांग पर अड़ा परिवार, कहा 'तभी होगा अंतिम संस्कार'

पीड़िता की बहन ने लखनऊ जाकर सीएम से मिलने से इनकार कर दिया है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में  बहुत लापरवाही की है.

उन्नाव रेप केस: CM योगी से मिलने की मांग पर अड़ा परिवार, कहा 'तभी होगा अंतिम संस्कार'

उन्नाव: उन्नाव रेप केस में पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से मिलने पर अड़ गया है. बता दें आज पीड़िता का अंतिम संस्कार होना है लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री नहीं आएंगे तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. 

पीड़िता की बहन ने लखनऊ जाकर सीएम से मिलने से इनकार कर दिया है.  पीड़िता की बहन ने कहा कि हम योगी जी से मांग करते हैं कि वह यहां आएं और तुरंत फैसला करें. पीड़िता परिवार का कहना है कि उन्हें मुख्यमंत्री से बहुत कुछ कहना है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में  बहुत लापरवाही की है.

पीड़िता के भाई का कहना है कि गांव में घर के सामने ही बहन के शव को दफनाएंगे. पीड़िता की समाधि बनाई जाएगी. वहीं, मृतका का पिता का कहना है कि आरोपियों को हैदराबाद के अभियुक्तों की तरह सजा देनी चाहिए. गौरतलब है कि हैदराबाद में महिला डॉक्टर का गैंगरेप के बाद उसकी हत्या करने वाले अभियुक्तों को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था.

आग लगाकर मरने के लिए छोड़ दिया था
पीड़िता पर उन्नाव के सिंधुपुर गांव के बाहर उस समय हमला किया गया, जब वह दुष्कर्म के मामले में होने वाली सुनवाई के लिए रायबरेली की एक अदालत जा रही थी. उसका अपहरण पांच लोगों हरिशंकर त्रिवेदी, राम किशोर त्रिवेदी, उमेश वाजपेयी, शिवम और शुभम त्रिवेदी ने किया था. उसे पीटा गया, चाकू मारा गया और आग लगाकर मरने के लिए छोड़ दिया गया.

खुद पुलिस को फोन किया
इन सबके बावजूद वह खड़ी हो गई और एक किमी तक चलकर एक व्यक्ति के पास पहुंची, जो एक घर के बाहर काम कर रहा था. पीड़िता ने उससे मदद मांगी और उसने खुद पुलिस को फोन किया.

पांचों आरोपियों के नाम लिए
इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे लखनऊ के सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया गया. वहां प्लास्टिक सर्जरी बर्न यूनिट में भर्ती पीड़िता का बयान दर्ज किया गया. अपने बयान में उसने सभी पांचों आरोपियों के नाम लिए.

जमानत पर रिहा हुआ था आरोपी
दुष्कर्म का आरोपी शुभम जब जमानत पर रिहा हुआ, तो वह वह उसका पीछा करने और उसे धमकी देने लगा. इसके बाद पीड़िता और उसके परिजन स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. आरोप है कि पुलिस ने इनकी शिकायत पर गौर नहीं किया.