UP Board Result 2018 : पहली बार अप्रैल में जारी हुए नतीजे, डिप्‍टी सीएम दिनेश शर्मा ने दी बधाई

दिनेश शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड ने रिकॉर्ड समय में परीक्षाएं कराकर परिणाम घोषित किए हैं.

UP Board Result 2018 : पहली बार अप्रैल में जारी हुए नतीजे, डिप्‍टी सीएम दिनेश शर्मा ने दी बधाई
रविवार को उप मुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस करके बच्‍चों को दी बधाई.

लखनऊ : उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के रविवार को 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के नतीजे घोषित होने पर यूपी के उप मुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा ने उत्‍तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी है. रविवार को प्रेस कांफ्रेंस करके उन्‍होंने यूपी बोर्ड के सभी अधिकारियों और शिक्षकों को भी बधाई दी. उन्‍होंने कहा कि इस बार यूपी बोर्ड ने रिकॉर्ड समय में परीक्षा कराकर नतीजे घोषित किए हैं. दिनेश शर्मा ने कहा 'पहले दो-दो महीने परीक्षाएं होती थी. शायद यह देश का पहला शिक्षा बोर्ड है जिसने समय से पहले ही परीक्षाएं करा दीं'. उनके मुताबिक यूपी सरकार ने पिछले साल ही तय किया था कि बोर्ड परीक्षाएं कम समय में समाप्‍त कर देंगे तो इस बार एक महीने में ही परीक्षाएं करा ली गईं. उन्‍होंने अगली बार परीक्षा एक महीने से कम समय मेें करा लेने का दावा किया. बता दें कि इस बार यूपी बार्ड ने पहली बार अप्रैल में 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए हैं. पहले यह परिणाम मई या जून में जारी होते थे.

दिनेश शर्मा ने कहा 'हमने तय किया था कि हम नए सत्र को एक अप्रैल से शुरू करेंगे. हमने एक बड़ी घोषणा यह भी की थी कि अगले सत्र की शुरुआत एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करके करेंगे. यह लोगों को असंभव लगता था. योगी सरकार के इस अभियान के तहत हम सबने काम किया और एक अप्रैल से नया सत्र लागू किया'. उप मुख्‍यमंत्री ने परीक्षा में उत्‍तीर्ण सभी बच्‍चों को बधाई दी. उन्‍होंने फेल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए कहा कि यूपी सरकार उनकी उत्‍तम शिक्षा का प्रबंध करेगी. उनकी विशेष कक्षाएं लगेंगी. शिक्षकों की कमी के मुद्दे पर उन्‍होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के रिक्‍त पद भरने जा रहे हैं. स्‍कूलों में अत्‍याधुनिक व्‍यवस्‍थाएं कराई जा रही हैं. उन्‍होंने कहा 'शिक्षकों के पद का सृजन चुनौती होता था. सीएम योगी ने शिक्षकों के नए पदों को स्‍वीकृति प्रदान की. हमने शिक्षा में सुधार और नए सत्र के लिए शैक्षणिक कैलेंडर की घोषणा की'.

दिनेश शर्मा ने बात करते हुए आगे कहा कि उत्‍तर प्रदेश के बच्‍चों का भविष्‍य उज्‍जवल होना चाहिए. माध्‍यमिक शिक्षा का विद्यार्थी डिग्री या मार्कशीट लेकर बेराजगार न रहे बल्कि उसकी शिक्षा का पूरा उपयोग हो इसके लिए सरकार काम कर रही है. 
उन्‍होंने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 10वीं की टॉपर अंजलि वर्मा को फोन पर बधाई दी. साथ ही 12वीं के टॉपर रजनीश को भी बधाई दी. उन्‍होंने कहा कि अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्‍चे नियमित स्‍कूल जाएं. नकलविहीन परीक्षा, गुणवत्‍ता परक शिक्षा, तनाव मुक्‍त विद्यार्थी और सुखी मन शिक्षक, इन चार बिंदुओं पर कार्य करने के लिए योगी सरकार ने अधिकारियों को निर्देशित किया है.

उप मुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि यूपी में नकल एक व्‍यवसाय बनता जा रहा था. उन्‍होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शितापूर्ण तरीके से नकल की उन सभी पद्धतियों का आकलन किया, जिन्‍हें नकल माफिया अपनाते थे. उनके कारण परीक्षार्थी बदनाम होते थे. नकल माफिया के खिलाफ सरकार ने अभियान चलाया और हरदाई, जौनपुर समेत अन्‍य शहरों में उनके खिलाफ शिकंजा कसकर उन्‍हें गिरफ्तार किया गया. 

उनके अनुसार 75 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं का फीसद 5.25 है. 60 से 75 फीसदी के बीच अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं का फीसद 28.09 है. वहीं 53.99 फीसद छात्रों ने सेकंड डिवीजन पाई. थर्ड डिवीजन पाने वाले छात्र-छात्राओं का फीसद 9.03 रहा. 10वीं के घोषित नतीजों में टॉप 10 में 55 छात्र-छात्राएं शामिल रहे. वहीं 12वीं की परीक्षाओं में टॉप 10 में 42 छात्र-छात्राओं ने स्‍थान पाया.