UP Board Result 2020: सरकारों से भी रहा Result का नाता, BJP नकल की दुश्मन तो SP सरकार में छप्पर फाड़ रिजल्ट
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UP Board Result 2020: सरकारों से भी रहा Result का नाता, BJP नकल की दुश्मन तो SP सरकार में छप्पर फाड़ रिजल्ट

खास तौर पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की सरकारें रिजल्ट के मामले में खासी चर्चित रही हैं. समाजवादी पार्टी की सरकार में रिजल्ट कभी खराब नहीं आता तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार में लाखों छात्र परीक्षा केंद्रों से ही गायब हो जाते हैं.

UP Board Result 2020: सरकारों से भी रहा Result का नाता, BJP नकल की दुश्मन तो SP सरकार में छप्पर फाड़ रिजल्ट

यूपी बोर्ड के रिजल्ट (UP Board Result 2020) का नाता सूबे के सरकारों से भी खूब रहा है. किसी की सरकार में रिजल्ट (UP Board Result 2020 ) का प्रतिशत आसमान छूता है तो किसी की सरकार में ये धूल चाट जाता है. खास तौर पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की सरकारें रिजल्ट के मामले में खासी चर्चित रही हैं. समाजवादी पार्टी की सरकार में रिजल्ट कभी खराब नहीं आता तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार में लाखों छात्र परीक्षा केंद्रों से ही गायब हो जाते हैं.

कल्याण सिंह की सरकार में तो हद हो गई
1991 में समाजवादी पार्टी की सरकार में जब मुलायम सिंह यादव सूबे के मुख्यमंत्री थे, तो यूपी बोर्ड (UP Board Result 2020 ) ने कमाल का रिजल्ट दिया. उनकी सरकार में 80.54 फीसदी छात्र पास हुए. लेकिन 1992 में बीजेपी सरकार आई. कल्याण सिंह के सत्ता में आते ही उन छात्रों के पसीने छूट गए, जो नकल करके पास होने का सोच चुके थे. इस साल यूपी बोर्ड ने पासिंग फीसदी भी नहीं दिया. बोर्ड का रिजल्ट 30.38 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट पर पहुंच गया.

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मुलायम सिंह यादव ने सुधार दिया रिजल्ट
कल्याण सरकार गिरने के बाद 1993 में जब एक बार फिर समाजवादी पार्टी की सरकार आई और मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने तो यूपी बोर्ड का रिजल्ट (UP Board Result 2020) 38.68 फीसदी होकर थोड़ा सुधरा. 1994 में रिजल्ट का फीसद बढ़ा और ये 54.02 फीसदी हुआ. 1995 में यूपी बोर्ड के 72.22 फीसदी छात्रों ने पास होकर जबरदस्त रिजल्ट दिया.
1996 में राष्ट्रपति शासन के दौरान भी रिजल्ट (UP Board Result 2020) अच्छा रहा. इस साल 72.43 फीसदी बच्चे पास हुए. 1997 में मायावती की सरकार बनी तो रिजल्ट (UP Board Result 2020) थोड़ा घटकर 68.18 फीसदी रह गया.

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फिर कल्याण सिंह आए, तो रिजल्ट भी घट गया
1998 में बीजेपी सरकार आई. कल्याण सिंह के आते ही यूपी बोर्ड का रिजल्ट (UP Board Result 2020) घटकर 55.29 फीसदी पहुंच गया. 1999 में भी ऐसा ही हुआ इस बार यूपी बोर्ड (UP Board Result 2020 ) में 61.34 फीसदी बच्चे पास हुए. 2000 में बीजेपी नेता रामप्रकाश गुप्ता मुख्यमंत्री बने. इस बार रिजल्ट (UP Board Result 2020 ) बढ़ा और 68.28 फीसदी पहुंचा. राजनाथ सिंह के राज में भी रिजल्ट अच्छा रहा. 2001 में 69.89 और 2002 में तो रिजल्ट ने 70.21 फीसदी का आंकड़ा छू लिया.

समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो बढ़ गया रिजल्ट
2003 से 2007 तक समाजवादी पार्टी की सरकार बनी और मुलायम सिंह यादव के राज में यूपी बोर्ड (UP Board Result 2020) के बच्चों ने बेहद अच्छा रिजल्ट दिया. इस दौरान यूपी बोर्ड का रिजल्ट 85 फीसदी से ऊपर ही रहा.

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मायावती के राज में भी रिजल्ट वैसा नहीं रहा
2008 से 2011 तक यूपी में बीएसपी सरकार आई और मायावती के राज में यूपी बोर्ड का रिजल्ट (UP Board Result 2020) कुछ खास नहीं रहा. इस दौरान जितनी भी बोर्ड परीक्षाएं हुईं, उनमें पास होने वाले बच्चों का प्रतिशत 80 फीसदी के आस-पास रहा.

अखिलेश यादव सरकार ने कमाल कर दिया
अब तक यूपी बोर्ड के रिजल्ट (UP Board Result 2020) के लिए कोई सरकार सबसे बेहतरीन रही तो वो अखिलेश सरकार थी. 2012 से सत्ता में आने के बाद साल 2016 तक यूपी बोर्ड ने कमाल का रिजल्ट (UP Board Result 2020) दिया. इन पांच सालों में यूपी बोर्ड का रिजल्ट 90 फीसदी के आस-पास रहा. हद तो तब हो गई जब साल 2013 में यूपी बोर्ड ने 92.68 फीसदी पासिंग रिजल्ट दिया.

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योगी सरकार (YOGI ADITYANATH) ने छात्रों को परीक्षा केंद्रों से गायब कर दिया
एक बार फिर प्रदेश में बीजेपी की सरकार है. योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नकल विहीन परीक्षा का आलम ये है कि छात्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचकर ही गायब हो रहे हैं. 2017 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी और बीजेपी ने हमेशा की तरह नकलचियों पर लगाम लगाना शुरू कर दिया. उसका असर भी दिखाई दिया और करीब 10 लाख उम्मीदवारों ने इसकी वजह से परीक्षा बीच में ही छोड़ दी. परीक्षा का रिजल्ट (UP Board Result 2020) हाईस्कूल में 81.6 फीसदी और इंटर में 82.5 फीसदी तक रहा था. साल 2018 में सख्ती बढ़ी और रिजल्ट का प्रतिशत कम हो गया. हाईस्कूल में रिजल्ट का प्रतिशत 75.16 रहा और इंटरमीडिएट में 72.43. साल 2019 में भी रिजल्ट 70-80 फीसदी तक रहा. हाईस्कूल में 80.07 प्रतिशत परीक्षार्थी पास हुए, जबकि इंटरमीडिएट में 70.06 प्रतिशत परीक्षार्थियों को सफलता मिली. 2018 के मुकाबले इस साल पास हुए छात्रों के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई. इस वर्ष भी बोर्ड परीक्षाओं (UP Board Result 2020) में सख्ती देखते हुए 7 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा न देना ही बेहतर समझा.

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