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आजम खान के किले को नहीं भेद पाई BJP, सपा प्रत्याशी तंजीन फातिमा बनीं विधायक

आज़म खान पर पिछले कुछ महीनों में लगातार मुकदमे दर्ज हुए है और वर्तमान में 80 से ज्यादा मुक़दमें उनके ख़िलाफ़ दर्ज हैं.

आजम खान के किले को नहीं भेद पाई BJP, सपा प्रत्याशी तंजीन फातिमा बनीं विधायक
जीत के बाद तंज़ीन फ़ातिमा ने कहा कि रामपुर की जनता का प्यार उन्हें मिला है, वो अब उनकी सेवा करेंगी.

 शोएब रज़ा/रामपुर: यूपी के रामपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की है. इस सीट पर पिछले कई दशक से लगातार समाजवादी पार्टी का कब्ज़ा रहा है और पार्टी के कद्दावर नेता आज़म खान का चेहरा आगे करके सपा यहां जीतती आई है. इस बार रामपुर से आज़म खान की पत्नी तंज़ीन फ़ातिमा चुनावी मैदान में थी, जिन्होंने बीजेपी के भारत भूषण को 7578 वोटों से हराया. तंज़ीन फ़ातिमा को 78821 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार भारत भूषण को मिले 71243 वोट मिले. हालांकि, हार का फासला बहुत बड़ा नहीं रहा, क्योंकि 2017 में इसी सीट पर आज़म खान से 50 हज़ार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी.

आज़म खान लोकसभा के सांसद हैं. उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म विधायक हैं. आज़म खान की पत्नी राज्यसभा की सांसद हैं और अब विधायक चुनी गई हैं. तंज़ीन फ़ातिमा आने वाले समय मे राज्यसभा से इस्तीफा देंगी. रामपुर सीट से आज़म खान नौ बार विधायक चुने गए हैं और अब उनकी पत्नी विधायक बनी हैं. रामपुर सीट पर सबकी नजर बनी हुई थी, क्योंकि कई लोग यहां उलटफेर की उम्मीद लगाए हुए थे. आज़म खान पर पिछले कुछ महीनों में लगातार मुकदमे दर्ज हुए है और वर्तमान में 80 से ज्यादा मुक़दमें उनके ख़िलाफ़ दर्ज हैं. आज़म खान रामपुर प्रशासन पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं.

जैसे ही तंज़ीन फ़ातिमा की जीत की ख़बर आई, आज़म खान अपने घर से बाहर निकले और सैंकड़ो समर्थकों के साथ 500 मीटर तक पैदल चले. इस दौरान वो खामोश थे और उनके समर्थक जमकर नारेबाजी कर रहे थे. रामपुर मंडी में जब तंज़ीन फ़ातिमा जीत का सर्टिफिकेट लेने पहुंचीं, तब भी हज़ारों समर्थक आज़म खान के साथ नारेबाज़ी करते रहे. आज़म के समर्थक नारे लगा रहे थे, "जो हमसे टकराएगा चूर चूर हो जाएगा". आज़म खान से अपनी पत्नी की जीत के बाद मीडिया से बात नहीं की, लेकिन आज़म खान के समर्थक प्रशासन पर आरोप लगाते दिखे.

समर्थकों ने कहा कि उनके सामने सिर्फ बीजेपी की चुनौती नहीं थी बल्कि प्रशासन की भी चुनौती थी. हालांकि, जीत के बाद तंज़ीन फ़ातिमा ने कहा कि रामपुर की जनता का प्यार उन्हें मिला है, वो अब उनकी सेवा करेंगी. रामपुर में बीजेपी के लिए थोड़ी सी राहत की बात ये रही कि उसके लिए हार का फासला इस बार कम रहा, लेकिन आज़म खान के किले को भेदने में वो नाकाम साबित हुई.