UP CAA Protest: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से रिकवरी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को रिकवरी नोटिस भेजने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.

UP CAA Protest: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से रिकवरी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से रिकवरी का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. परवेज आरिफ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उत्तर प्रदेश सरकार के रिकवरी करने के फैसले को चुनौती दी है.

उन्होंने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उपद्रवियों को भेजे गए रिकवरी नोटिस को रद्द करने की मांग की है. परवेज आरिफ ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में मांग की है की सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों की न्यायिक जांच कराई जाए.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार सीएए के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति को पहुंचे नुकसान की भरपाई के लिए प्रदर्शनकारियों को रिकवरी नोटिस भेज रही है. सीएम योगी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई आगजनी और तोड़फोड़ के बाद ऐलान किया था कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही वूसली की जाएगी.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एक रैली के दौरान उपद्रवियों को फिर से चेतावनी दी थी. आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून विरोध में उत्तर प्रदेश के लखनऊ सहित कई शहरों में हिंसक घटनाएं हुई थीं. जिसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. 

उन्होंने कहा था, ‘मैं फिर से कहूंगा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करना सबका अधिकार है. लेकिन कोई अगर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा, व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जलाएगा, तोड़फोड़ करेगा तो हम उसकी संपत्ति से ही वसूली करेंगे. हम ऐसे लोगों को वह सजा देंगे कि आने वाली पीढ़ियां याद करेगी. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कीमत क्या होती है, इसके बारे में इन्हें 10 बार सोचना पड़ेगा.'