CM योगी समेत पूरा मंत्रिमंडल बना IIM का स्‍टूडेंट, क्‍लास में सीखा कैसे चलाएं अच्छे से प्रदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ मैनेजमेंट की दीक्षा ली.

CM योगी समेत पूरा मंत्रिमंडल बना IIM का स्‍टूडेंट, क्‍लास में सीखा कैसे चलाएं अच्छे से प्रदेश
फोटो साभार: @CMOfficeUP

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath)ने आज अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ मैनेजमेंट की दीक्षा ली. इस दौरान आज के सेशन में सीएम योगी के मंत्रियों को नेतृत्व क्षमता विकास की ट्रेनिंग के साथ प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा हुई. भारतीय प्रबंध संस्थान लखनऊ में आज स्टूडेंट्स की भूमिका में दिखाई पड़े यूपी के मंत्रियो ने मैनेजमेंट गुरुओं से सुशासन और प्रबंधन की क्लास ली. ये पहला मौका है जब प्रदेश सरकार के मंत्री आईआईएम में सुशासन और कुशल नेतृत्व की क्लास लेते हुए दिखाई पड़े.

कई सत्रों में चली पाठशाला 
प्रबंधन के गुरुकुल में आज सबसे पहले सीएम ने सत्र की शुरुआत की और सीएम योगी ने सभी मंत्रियो को सम्बोधित किया. उसके बाद मंत्रियों की पाठशाला में आईआईएम लखनऊ की प्रो.अर्चना शुक्ला, पुष्पेंद्र प्रियदर्शी और निशांत उप्पल ने बताया की प्राथमिकता कैसे तय हो और उसके बाद प्राथमिकता के आधार पर कार्य कैसे  है.

मंत्रियों को आज पहले सत्र में  वैश्विक,राष्ट्रीय और राज्य के आर्थिक परिदृश्य के बारे में जानकारी दी गयी. इस सत्र के बाद  यूपी के संसदीय कार्य मंत्री  सुरेश खन्ना ने कहा की आज यहाँ हमारे लिए रिफ्रेशमेंट कोर्स का आयोजन किया गया है. कैसे अपने कार्यों को और अधिक कुशलता के साथ कर सकें ये बताया गया हैं मैं धन्यवाद देता हूँ मुख्यमंत्री जी को कि उन्होंने इसका इनिशिएटिव लिया.

आईआईएम में चल रही पाठशाला में प्रो.संजय सिंह ने भी मंत्रियो को गुरुमंत्र दिया.सत्र के दौरान मंत्रियो को कुछ खास मानकों पर यूपी की तुलना देश के चार अग्रणी राज्यों जैसे मुद्दों पर होने की जानकारी दी गयी. इसके बाद मंत्रियों को समूहों में बांटकर प्राथमिकताएं तय करने को लेकर आपसी संवाद और चर्चा भी कराई गयी. मंत्रियों के समूह अपनी प्राथमिकताएं के बारे में प्रस्तुतीकरण देने के साथ अन्य सहभागियों के सवालों का भी जवाब देते हुए दिखाई पड़े.

प्रोफेसर सुशील कुमार की ओर से नेतृत्व क्षमता विकास पर केंद्रित सत्र  का  आयोजन किया गया और इसके बाद  प्रो.संजय सिंह ने  मंत्री समूहों को उनके द्वारा तय की गईं प्राथमिकताओं के नतीजों से अवगत कराया. भविष्य में मंत्री कैसे सफल रणनीतियां बुनें और उन्हें हकीकत में बदलें, इसकी भी प्रदेश के मंत्रियों को आज क्लास दी गयी.

इस दौरान यूपी के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा की  हम यहां आईआईएम में अनुभव लेने के लिए आएं हैं क्योंकि हमारा मानना है कि व्यक्ति को जीवन भर सीखते ही रहना चाहिए.निश्चय ही आगे भी हमे आने कार्यों को करने में इससे मदद मिलेगी.

मंत्रियों की कार्यकुशलता,नेतृत्व क्षमता  बढ़ाने और अनुभवी बनाने के लिए आज का ये सत्र अहम माना जा रहा है और इसके बाद  योगी सरकार के मंत्रियों के प्रशिक्षण का दूसरा सत्र अगले रविवार 15 सितंबर को योजना भवन और तीसरा सत्र भी रविवार 22 सितंबर को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आयोजित किया जाना है