यूपी बोर्ड की किताबें होंगी ऑनलाइन, नेत्रहीन छात्रों के लिए 'ऑडियोबुक'

नए सेशन में यूपी बोर्ड की किताबों को ऑनलाइन किया जा रहा है. नेत्रहीन छात्रों के लिए ऑडियोबुक की सुविधा उपलब्ध होगी.

यूपी बोर्ड की किताबें होंगी ऑनलाइन, नेत्रहीन छात्रों के लिए 'ऑडियोबुक'
1 जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत. (प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा के नए सत्र से बच्चे हाईटेक पढ़ाई पढ़ेंगे. यूपी बेसिक शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल करते हुए किताबों को ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ दिया है. इसके लिए किताबों पर खास QR कोड लगाए गए हैं, जिन्हें मोबाइल से स्कैन करते ही बच्चे या टीचर विषय से जुड़े ऑनलाइन डेटा बेस पर पहुंच जाएंगे, जहां बच्चो की पढ़ाई के लिए रोचक तरीके में जानकारी मौजूद रहेगी. नए शिक्षा सत्र की शुरुआत 2 जुलाई से हो रही है.

सरकारी स्कूलों में 105 किताबें पढ़ाई जाती है
स्टेट काउंसिल ऑफ इजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताबों को ऑनलाइन कर दिया है. सारी किताबें www.scertup.co.in पर ऑनलाइन उपलब्द होंगी. इस वेबसाइट पर जाकर छात्र और शिक्षक किताबों को डाउनलोड कर सकते हैं. वर्तमान में इस वेबसाइट पर 25 टेक्सबुक उपलब्ध हैं. उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब 105 किताबें पढ़ाई जाती हैं. अगले कुछ दिनों में सारी किताबें ऑनलाइन उपलब्ध होंगी. जो छात्र देख नहीं सकते हैं उनके लिए ऑडियोबुक की भी सुविधा उपलब्ध होगी.

यूपी: संस्कृत के प्रचार के लिए शिक्षकों को संस्कृत की ट्रेनिंग, प्रशिक्षकों को मिलेंगे 21,500

किताबें खरीदना जरूरी नहीं रह जाएगा
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा के डायरेक्टर सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों में ज्यादातर छात्र गरीब परिवार से होते हैं. उनके लिए सारी किताबों को खरीद पाना मुश्किल होता है. लेकिन, वर्तमान में इंटरनेट और स्मार्टफोन लगभग हर घर में मौजूद है. इसलिए, अगर किताबें ऑनलाइन उपलब्ध होंगी तो सभी छात्र इस सुविधा का लाभ ले पाएंगे और आर्थिक लिहाज से यह बहुत ही लाभदायक होगा.

सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं करीब 1.62 करोड़ बच्चें
किताबों को ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है. साथ में यह भी निर्देश दिए गया है कि अगर ऑनलाइन किताबों में कुछ शिकायतें आती हैं तो उसे जल्द से जल्द सही किया जाए. उत्तर प्रदेश में 1 लाख 13 हजार 247 प्राइमरी स्कूलें और 45 हजार 590 अपर प्राइमरी स्कूलें हैं. इन स्कूलों में 4 लाख 94 हजार 940 शिक्षक करीब 1.62 करोड़ छात्रों को शिक्षा देते हैं. गर्मी छुट्टी के बाद प्रदेश की सरकारी स्कूलें 1 जुलाई से खुल चुकी है.

छपाई की वजह से देरी से मिल पाती थी किताबें
1.62 करोड़ छात्रों के लिए समय पर किताबों की छपाई मुश्किल काम होता है. हर साल किताबों की छपाई का काम देरी से होता है, जिसकी वजह से छात्रों के पास किताबें नहीं होती हैं. किताबें नहीं होने की वजह से शुरुआत के कुछ महीने बर्बाद चले जाते हैं और छात्रों पर बोझ बढ़ जाता है. ऐसे में अगर किताबें ऑनलाइन उपलब्ध होंगी तो छाक्षों का कीमती वक्त बर्बाद नहीं होगा पढ़ाई भी जारी रहेगी.

कक्षा 1 से 3 की किताबें बाद में ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, क्योंकि सिलेबस में बदलाव किया जा रहा है.