परफॉर्मेंस ग्रांट घोटाला: महाराजगंज में 133 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस

महाराजगंज जनपद के कोतवाली थाने में डीपीआरओ सहित 133 ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक षडयंत्र धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कर लिया गया है. 

परफॉर्मेंस ग्रांट घोटाला: महाराजगंज में 133 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
वर्ष 2016-17 में महाराजगंज जनपद में परफॉर्मेंस ग्रांट में हुई लूट का मामला दर्ज किया गया है.

अमित त्रिपाठी/महाराजगंज: उत्तर प्रदेश में हुए परफॉर्मेंस ग्रांट घोटाले की जांच महराजगंज तक पहुंच गई है. वर्ष 2016 में केंद्र सरकार द्वारा 14वें वित्त के तहत दिए जाने वाले परफॉर्मेंस ग्रांट में गलत गांव चयन को लेकर महाराजगंज जनपद के 130 गांव कार्रवाई की जद में आ चुके हैं. इन सभी गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी सहित जिला पंचायत राज अधिकारी और अपर जिला पंचायत राज अधिकारी के विरुद्ध कोतवाली थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है. विजलेंस इंस्पेक्टर की तहरीर पर कोतवाली थाने में करीब डेढ़ सौ अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी कागजों में कूट रचना करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है.

वर्ष 2016-17 में महाराजगंज जनपद में परफॉर्मेंस ग्रांट में हुई लूट का मामला दर्ज किया गया है. वर्ष 2016-17 में केंद्र सरकार ने 14वें वित्त के तहत परफॉर्मेंस ग्रांट की में चयन के लिए गांव की सूची मांगी थी. जिसके क्रम में तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी और जिले के 8 ब्लॉकों के लगभग 130 गांव इसमें गलत तरीके से चयन कर लिए गए थे. सरकार ने जब परफॉर्मेंस ग्रांट की पूरे प्रदेश में जांच कराई तो, दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. फिर क्या था, सरकार ने इन सभी कर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. 

इसी के तहत महाराजगंज जनपद में तत्कालीन डीपीआरओ सहित 130 ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धोखाधड़ी करने और कागजों में कूट रचना के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. उत्तर प्रदेश के 30 जिलों के नाम परफॉर्मेंस ग्रांट घोटाले में शामिल हैं. उसमें एक जनपद महाराजगंज भी है. जहां के 8 ब्लॉकों के लगभग 130 गांव में फर्जी तरीके से परफॉर्मेंस ग्रांट का धन आहरित कर बंदरबांट किया गया था. सरकार ने जब इस घोटाले की जांच की तो, महाराजगंज भी इसकी जद में आ गया. 

महाराजगंज के जद में आने के बाद उत्तर प्रदेश में इस संपूर्ण प्रकरण की जांच विजिलेंस को सौंप कर दूध का दूध और पानी का पानी करने की कोशिश शुरू की है. विजलेंस इंस्पेक्टर अनिल कुमार यादव की तहरीर पर महाराजगंज जनपद के कोतवाली थाने में डीपीआरओ सहित 133 ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक षडयंत्र धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कर लिया गया है. जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने बताया कि इन सब के विरुद्ध विजिलेंस जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी.